ग्वालियर:15 साल पुराना सिंधिया परिवार का संपत्ति विवाद सुलझा, कोर्ट में पेश हुआ समझौता

ग्वालियर। वर्ष 2010 में तीनों बहनों ने पिता की संपत्ति में बराबरी का हक मांगते हुए जिला न्यायालय में वाद दायर किया था। इसके जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपनी बुआओं के खिलाफ अलग वाद दायर किया था। अब दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद समझौते की प्रक्रिया जिला न्यायालय में शुरू हो गई है।
हाईकोर्ट में भी लंबित रही सुनवाई
पुराना मामला होने के कारण कोर्ट ने इसे जल्द निपटाने का फैसला लिया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां वर्ष 2017 से सिविल रिवीजन लंबित थी। सुनवाई के दौरान तीनों बहनों के अधिवक्ता ने आपसी सहमति से केस खत्म करने का आवेदन देते हुए सिविल रिवीजन वापस ले ली।
ये भी पढ़ें: विधायक के मोबाइल पर साइबर अटैक : नंबर हैक कर रिश्तेदारों और समर्थकों से मांगे 60 हजार रुपए!
समझौता जिला कोर्ट में किया गया पेश
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए पर्याप्त समय और कानूनी सुविधा उपलब्ध कराई। अब दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को जिला कोर्ट में पेश कर दिया गया है। कोर्ट ने 8 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वादी और प्रतिवादियों की उपस्थिति तय की है।
तीन महीने में पूरी होगी कानूनी प्रक्रिया
जिला न्यायालय में समझौते की औपचारिक कार्रवाई अगले तीन महीने के अंदर पूरी की जाएगी। 15 साल से चले इस पारिवारिक विवाद के निपटारे के बाद सिंधिया राजघराने में लंबे समय से चली आ रही खींचतान समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।












