भोपाल : पेट्रोल पंप के बंद नोजल खुलवाने और केस रफा-दफा करने के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते डिप्टी कंट्रोलर गिरफ्तार

भोपाल । राजधानी के एमपी नगर स्थित पेट्रोल पंप पर नापतौल की टीम ने छापा मारा और गड़बड़ी मिलने पर तीन नोजल बंद करवा दिए। इसके साथ ही केस दर्ज किया गया था। इसी केस को रफा दफा करने और बंद तीनों नोजल खुलवाने के बदले 4 लाख रुपए की रिश्वत नापतौल निरीक्षक नसीम उद्दीन ने मांगी। बातचीत के बाद 1 लाख रुपए की रिश्वत रिटायर हो चुके नापतौल निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल के मार्फत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पेट्रोल पंप संचालक ने लोकायुक्त एसपी आफिस में की थी। शिकायत
रिश्वत मांगने की शिकायत एमपी नगर स्थित पेट्रोल पंप संचालक अमित सिंह बघेल ने लोकायुक्त एसपी आफिस में 24 जून 2026 कसे की थी। शिकायतकर्ता का एमपी नगर जोन-2 में बीपी भोपाल सिटी पेट्रोल पंप है। इस पर नाप तौल निरीक्षक नसीम उद्दीन ने जांच की और गड़बड़ी के आरोप में केस दर्ज करने के साथ ही तीन नोजल बंद करवा दिए थे। इसके बाद बंद नोजल खुलवाने और केस खत्म करने के बदले 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। इसके लिए रिटायर हो चुके नापतौल निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल को आगे किया, जिसके मार्फत रिश्वत ली जाती है।
सत्यापन में शिकायत सही होने पर ट्रैप टीम रवाना
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सुनील पाटीदार ने रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाया। इसमें शिकायत सही पाई जाने के बाद रिश्वतखोर को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम तैयार की गई। इसमें उप पुलिस अधीक्षक अजय मिश्रा, निरीक्षक कविंद्र चौहान, निरीक्षक रजनी तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मनोज माझी, हेमेंद्र पाल, रविंद्र शर्मा, चैतन्यप्रताप शामिल किए गए।
बोर्ड आफिस के सामने सड़क पर ली रिश्वत
पेट्रोल पंप संचालक अमित बघेल को रिश्वत लेकर नसीम उद्दीन के एजेंट बने रिटायर निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल ने बोर्ड आफिस के सामने काफी हाउस के सामने बुलाया। इस पर लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी कर ली। इसके बाद रिश्वत लेते हुए हरिप्रसाद को पकड़ा गया, जिसके तत्काल बाद निरीक्षक नसीमउद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद दोनों को नाप तौल कार्यालय ले जाकर वहां पेट्रोल पंप केस वाली फाइल जब्त की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।












