राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला:अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की रिमांड मंजूर

अविनाश शुक्ला के घर से अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी हुई है, जिसमें 20.39 लाख रुपये नकद, अमेरिकी डॉलर और ज्वेलरी शामिल हैं। पुलिस ने कोर्ट से 48 घंटे की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर की। इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है।
अविनाश के घर से हुई सबसे बड़ी बरामदगी
पुलिस जांच में अब तक सबसे अधिक नकदी अविनाश शुक्ला के घर से बरामद हुई है। उसके कब्जे से 20 लाख 39 हजार रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के जेवर मिले हैं। यही कारण है कि पुलिस उसे इस पूरे मामले का अहम आरोपी मान रही है। बरामद संपत्ति के स्रोत और उसके उपयोग को लेकर भी अब विस्तृत जांच की जा रही है।
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लवकुश मिश्रा के नाम से बन रहे मकान पर नोटिस जारी
इससे पहले पुलिस ने आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया था और उसके परिजनों से पूछताछ की थी। इसी बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर बन रहे मकान को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में बिना प्राधिकरण की अनुमति के निर्माण कराया जा रहा था। इसकी भी अलग से जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों के पास से भी मिली बड़ी नकदी
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान अलग-अलग आरोपियों के पास से भी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। करुणेश पांडे के पास से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा के पास से 14.25 लाख रुपये, रामाशंकर मिश्रा के पास से 7.32 लाख रुपये और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इन सभी बरामदगियों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
'रामराज्य कोष' नाम का दानपात्र भी बरामद हुआ था
जांच के दौरान पुलिस ने अयोध्या स्थित एक योग केंद्र से 'रामराज्य कोष' नाम का दानपात्र भी बरामद किया, जिस पर पेटीएम का क्यूआर कोड लगा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, अविनाश शुक्ला पिछले करीब दस वर्षों से इसी योग केंद्र में रह रहा था। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। अब तक चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।












