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अभी हम जिंदा हैं... विधानसभा चुनाव से पहले फिर से एक्टिव हुईं पुष्पम प्रिया चौधरी, बिहारवासियों के नाम लिखा ‘खत’...

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अभी हम जिंदा हैं... विधानसभा चुनाव से पहले फिर से एक्टिव हुईं पुष्पम प्रिया चौधरी, बिहारवासियों के नाम लिखा ‘खत’...
पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। इसे लेकर प्रदेश की सभी पार्टियां सक्रिय हो गई हैं। सियासी बिसात भी बिछनी शुरू हो गई है। इसी बीच 'प्लुरल्स पार्टी' की मुखिया पुष्पम प्रिया चौधरी एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने 26 जुलाई को X पर ‘एक चिट्ठी बिहार के नाम’ टाइटल से एक लंबा आर्टिकल लिख तमाम बातें शेयर की हैं। उन्होंने लिखा कि राजनीति कोई जुए का खेल नहीं है। यह धैर्य मांगती है। हमारी राजनीति संघर्ष की राजनीति है। इसीलिए ही हमारी पार्टी अस्तित्व में आई है। इसी पोस्ट के साथ पुष्पम प्रिया आगामी बिहार विधानसभा को लेकर एक्टिव हो गई हैं। पुष्पम प्रिया ने तब देशभर से सुर्खियां बटोरी जब उन्होंने 2020 बिहार विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर खुद को अगला मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित किया था।

बिहार की व्यवस्था बदलने का है संकल्प

उन्होंने पोस्ट में लिखा, बीते चार सालों में हम लोगों की जिंदगी में बहुत कुछ बदला है, लेकिन एक चीज जो पहले की तरह बनी हुई है वो है, बिहार की आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था को बदलने का मेरा संकल्प। एक दिन बिहार की दशा जरूर बदलेगी। मेरी नजर में राजनीति के मायने ये नहीं हैं कि जीवन में अगर कुछ नहीं कर पाए तो राजनीति में आ गए। राजनीति मेरे लिए कोई बैकअप प्लान 'B' नहीं है।  

महसूस होती रही है बिहार की पीड़ा

पुष्पम प्रिया चौधरी ने कहा कि बिहार मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह किसी उपहास का विषय नहीं है। एक समय बिहार एक साम्राज्य के रूप में खड़ा था, लेकिन धीरे-धीरे बिहार की स्थिति बहुत कमजोर होती चली गई। आज बिहार विकास के लिए तरस रहा है। बिहार के विकास संबंधी रिपोर्ट शर्मिंदा करने वाले हैं। मैंने अभी तक की जिंदगी का लंबा हिस्सा बिहार में गुजारा है। इस दौरान बिहार को मैंने अपने बहुत करीब पाया है। विदेश में रहने के दौरान भी मैंने एक बिहारी होने की पीड़ा को महसूस किया है।

पार्टी के नाम में क्यों जुड़ा ‘प्लुरल्स’ शब्द

उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी में कई ऐसे लोग काम करते हैं जो पैसे से खरीदे नहीं जा सकते, न ही किसी और तरह के लालच में बहकाए जा सकते। इसीलिए पार्टी में प्लुरल्स शब्द का इस्तेमाल किया गया। बिहार को सार्थक बदलाव की जरूरत है। उन्होंने आर्टिकल के आखिर में लिखा- हमेशा याद रखिए, मैं ज़िंदा हूं। Time brings victory.. जीत समय पर होती है।

कौन हैं पुष्पम प्रिया चौधरी

'द प्लूरल्स पार्टी' (The Plurals Party) की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी जेडीयू के पूर्व MLC विनोद चौधरी की बेटी हैं। 2020 में बिहार की दो विधानसभा सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों सीटों पर उन्हें करारी शिकस्त मिली थी। पिछले चुनाव में उन्हें केवल 1509 वोट ही मिले थे। जबकि राजनीति विशेषज्ञों का मानना था कि वे विरोधी उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स की पढ़ाई की है।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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