भोपाल। चुनाव आयोग ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। इस सूची के अनुसार राज्य की वोटर लिस्ट से कुल 42.74 लाख नाम हटाए गए हैं, वहीं इसके अलावा 8 लाख 65 हजार 831 ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां 22 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन 21 फरवरी को होगा।
22.78 लाख वोटर शिफ्ट हुए, 8.42 लाख की मौत
वहीं इसके अलावा 22, 78,393 लोग अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। जबकि 2,76,961
लोग एक से ज्यादा पतों पर पंजीकृत पाए गए। साथ ही 8,42,677 लोग मिले ही नहीं। 8,46,184 लोगों की मौत हो चुकी है।
8.65 लाख वोटर्स नहीं दे पाए 2003 की जानकारी
मप्र में 8,65,831 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सके। बता दें नो मैपिंग ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने फॉर्म तो जमा किया लेकिन 2003 की जानकारी नहीं दी। ऐसे मतदाताओं को अब नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपने दस्तावेज जमा करने होंगे। वहीं नए नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 जमा करना होगा। अगर आप अपना पता बदलना चाहते हैं तो फॉर्म 8 जमा करना होगा।
सबसे ज्यादा नाम इंदौर में काटे गए
- मप्र में सबसे ज्यादा नाम इंदौर जिले में कटे हैं। यहां 5,73,567 वोटरों के नाम कटे है। इनमें सबसे ज्यादा 1,97,898 वोटर शिफ्ट पाए गए। यहां 1,75,424 वोटर्स के पते नहीं मिले।
- भोपाल जिले में 5,53,051 नाम कटे हैं। इनमें सबसे ज्यादा शिफ्ट हुए मतदाता 2,86,661 हैं। यहां 33,791 वोटर्स की मौत हो चुकी है। यहां 1,01,503 वोटर्स के पते नहीं मिले।
- जबलपुर जिले में 3,49,571 नाम कटे हैं। इनमें शिफ्ट हुए मतदाता 1,48,273 हैं। यहां 66,678 वोटर एब्सेंट रही यानी वे मिल नहीं पाए।
- ग्वालियर जिले में 3,15,078 नाम कटे हैं। इनमें शिफ्ट हुए मतदाता 1,48,273 हैं। यहां 61,520 वोटर पतों पर नहीं मिले।
अब मप्र में 5,31,31,983 वोटर
मप्र में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार अब 5,31,31,983 वोटर हैं। इनमें 2,74,82,233 पुरुष और 2,56,48,831 महिला वोटर हैं। जबकि 919 थर्ड जेंडर वोटर हैं।
MP की ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट की खास बातें
- Already Enrolled 276961 ऐसे मतदाता हैं जिनके नाम दो या दो से ज्यादा जगह की वोटर लिस्ट में हैं।
- एब्सेंट 8,42,677 ऐसे मतदाता हैं जो अपने पते पर नहीं मिले।
- वहीं इंदौर प्रदेश का ऐसा जिला है जहां सबसे ज्यादा नो मैपिंग वोटर्स पाए गए हैं।
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की बूथवार प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गईं हैं। इन्हें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट ceoelection.mp.gov.in पर भी देखा जा सकता है।
- 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक की दावा-आपत्ति के दौरान कोई भी निर्वाचक या राजनीतिक दल पात्र निर्वाचकों के समावेशन या अपात्र नामों के विलोपन के लिए दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
वेबसाइट पर दिखी तकनीकि समस्या
ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही आयोग की वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतें देखने को मिलीं। EPIC नंबर डालने पर कैप्चा तो दिखाई दे रहा है, लेकिन सब्मिट करने के बाद मतदाता की जानकारी नहीं खुल रही और दोबारा कैप्चा आ रहा है। हालांकि, मोबाइल नंबर के जरिए सर्च करने पर वोटर डिटेल सही तरीके से प्रदर्शित हो रही है।