इटारसी। नर्मदापुरम जिले में इटारसी शहर से 18 किलोमीटर दूर स्थित तिलक सिंदूर मंदिर में महाशिवरात्रि में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा और दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यह मंदिर सतपुड़ा पर्वत श्रंखलाओं में जंगल के बीच स्थित है। वर्षों पुराने इस मंदिर की खासियत है कि यहां शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाया जाता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार यह इकलौता मंदिर है जहां शिवलिंग पर सिंदूर अर्पित किया जाता है।

किवदंती है कि भगवान भोलेनाथ ने भस्मासुर को वरदान दिया तो वह सबसे पहले भगवान शिव पर ही हाथ रखने के लिए आगे बढ़ा। ऐसे में भगवान तिलक सिंदूर की गुफा में छिपे थे और यहां वे पचमढ़ी स्थित जटाशंकर की गुफा से प्रकट हुए थे।
फिल्म स्टार गोविंदा की मां निर्मला देवी और उनके भाई कीर्ति कुमार इस मंदिर में पूजन-दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। दरअसल, गोविंदा की मां तत्कालीन प्रसिद्ध गायिका समीपस्थ ग्राम जमानी में गणेशोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए आईं थीं, तब उन्हें इस मंदिर के बारे में बताया गया तो वे मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंची थी। जब मां ने अपने बच्चों को मंदिर के बारे में बताया तो उनके बड़े बेटे कीर्ति कुमार भी तिलक सिंदूर दर्शन के लिए पहुंचे थे।
इस प्राचीन मंदिर में पहले आदिवासी समुदाय के लोग पूजा करते आए हैं। यहां गुफा के पास 1971 में पार्वती महल का निर्माण भी कराया गया। यहां हर साल केसला जनपद पंचायत द्वारा मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में पारंपरिक कृषि संबंधित सामाग्री की खूब खरीदी-बिक्री होती है। इसके अलावा खिलौने आदि की दुकानें भी लगती हैं।
महाशिवरात्रि में शिवभक्तों द्वारा दर्शन मार्ग पर जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जाते हैं। भंडारों में फलहारी सामग्री श्रद्धालुओं को दी जाती है। शिवशक्ति सेवा मंडल बुढलाडा पंजाब की इटारसी शाखा द्वारा ग्राम झालपा में इस बार 24वें वर्ष में विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है।