भोपाल। मध्य प्रदेश में फरवरी के मध्य में मौसम के दो अलग पैटर्न देखने को मिल रहे हैं। दिन में तेज धूप लोगों को मार्च-अप्रैल का एहसास करा रही है, तो रात और सुबह हल्की ठंड अब भी बनी हुई है। इसी बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की एंट्री ने मौसम की तस्वीर फिर बदलने के संकेत दे दिए हैं। कहीं पारा 34 डिग्री के पार पहुंच गया है, तो कहीं बादल और बारिश का अलर्ट किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। इसका मतलब है कि, प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है।
पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और धूप वाला रहा। इसका असर तापमान पर साफ नजर आया। भोपाल, इंदौर और नरमदापुरम संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया।
राज्य में सबसे गर्म शहर खंडवा रहा, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। वहीं राजधानी भोपाल में पारा करीब 30 डिग्री तक पहुंच गया। मालवा और निमाड़ क्षेत्र में भी दिन के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया गया।
दिन में गर्मी बढ़ गई है, लेकिन रात और सुबह के समय हल्की सर्दी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड हुआ। भोपाल में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री, इंदौर में करीब 11-12 डिग्री और ग्वालियर में 12 डिग्री के आसपास रहा।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दिन और रात के तापमान में यह अंतर स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, 16 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश पर भी देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के प्रभाव से हवा की दिशा बदलेगी और उत्तर भारत से ठंडी हवाएं प्रदेश में प्रवेश करेंगी। इसके चलते तापमान में गिरावट के साथ-साथ बादल छाने और बारिश की संभावना बन रही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल है। इन जिलों से जुड़े आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रह सकते हैं। अगर बारिश होती है, तो यह फरवरी महीने में तीसरी बार बारिश होगी।
फरवरी की शुरुआत में ही मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ओले, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला था। इससे गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। बाद में सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया।
अब एक बार फिर बारिश की संभावना से किसान चिंतित हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश और तेज हवाएं चलीं, तो तैयार फसलों को दोबारा नुकसान हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल सिस्टम सक्रिय है, लेकिन उसका असर अभी पहाड़ी राज्यों तक सीमित है। मध्य प्रदेश में इसका असर अगले 48 घंटों में दिख सकता है।
16 फरवरी: कुछ जिलों में हल्का कोहरा, दिन में बादल छा सकते हैं, बारिश का अलर्ट नहीं
17 फरवरी: हल्का कोहरा और बादल, मौसम में नमी बढ़ेगी, बारिश की संभावना कम
भोपाल समेत कई शहरों में हवाएं 10-12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
IMD भोपाल ने प्रदेश में 18 और 19 फरवरी को बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके पहले दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी बनी रहेगी।
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शहर |
अधिकतम (°C) |
न्यूनतम (°C) |
|
खंडवा |
34.1 |
15.0 |
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खरगोन |
34.0 |
15.2 |
|
नरमदापुरम |
32.8 |
17.8 |
|
इंदौर |
31.5 |
11.5 |
|
उज्जैन |
31.4 |
13.5 |
|
भोपाल |
30.0 |
13.0 |
|
ग्वालियर |
29.7 |
11.7 |
|
जबलपुर |
30.4 |
14.3 |
|
पचमढ़ी |
26.4 |
9.2 |
|
रीवा |
27.7 |
9.6 |
मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव का सीधा असर सेहत पर पड़ सकता है। दिन में तेज धूप से डिहाइड्रेशन और थकान, जबकि रात की ठंड से सर्दी-खांसी और एलर्जी की शिकायत बढ़ सकती है। डॉक्टरों की सलाह है कि, लोग पानी ज्यादा पिएं, सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें और बदलते मौसम को हल्के में न लें।
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