उज्जैन। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवनगरी उज्जैन आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। हर ओर हर-हर महादेव की गूंज, फूलों की खुशबू और आस्था का सैलाब दिखाई दे रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं को एक दिव्य और भव्य अनुभव मिल रहा है, जहां विदेशी फूलों से सजा महाकाल दरबार और 44 घंटे तक चलने वाले दर्शन इस पर्व को खास बना रहे हैं।
इस साल महाशिवरात्रि पर महाकालेश्वर मंदिर की सजावट दक्षिण भारत के प्रसिद्ध नटराज मंदिर की थीम पर की गई है। बेंगलुरु से आए 200 कलाकारों ने पिछले तीन दिनों से दिन-रात मेहनत कर मंदिर को सजाया है। दरबार को 40 से अधिक प्रजातियों के फूलों से संवारा गया है, जो सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया से मंगाए गए हैं। पूरी सजावट पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।
मंदिर परिसर में उज्जैन और इंदौर के कलाकारों द्वारा बनाई गई विशाल और रंगीन रंगोलियां भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। खास बात यह है कि, बेंगलुरु के भक्त पिछले 12 सालों से महाशिवरात्रि पर मंदिर को पूरी तरह प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से सजाने की परंपरा निभा रहे हैं, जिससे यह आयोजन और भी खास बन जाता है।
महाकाल मंदिर की परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के पट रात 2:30 बजे खोल दिए गए। श्रद्धालु 16 फरवरी की रात 11 बजे तक यानी पूरे 44 घंटे लगातार दर्शन कर सकेंगे।
पूजन क्रम के अनुसार-
16 फरवरी को दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली विशेष भस्म आरती भी संपन्न होगी।
प्रशासन के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि पर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
सामान्य दर्शन: लगभग 40 मिनट में
शीघ्र दर्शन: ₹250 टिकट पर 25 मिनट में
ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है।
महाशिवरात्रि सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा दिन है। व्रत, ध्यान और रात्रि जागरण से आत्मसंयम, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति मिलती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि शिव उपासना से तनाव कम होता है और मन स्थिर रहता है।
महाशिवरात्रि पर उज्जैन पूरी तरह शिवमय हो गई है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। फूलों से सजा दरबार, भक्तों की लंबी कतारें और हर-हर महादेव के जयकारे इस पर्व को अविस्मरणीय बना रहे हैं।