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WhatsApp पर बड़ा साइबर हमला, 24 देशों के यूजर्स के डिवाइस को हैक करने की कोशिश, इजरायली स्पाइवेयर कंपनी पर आरोप

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WhatsApp पर बड़ा साइबर हमला, 24 देशों के यूजर्स के डिवाइस को हैक करने की कोशिश, इजरायली स्पाइवेयर कंपनी पर आरोप
मेटा के लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सप्प ने एक बड़ा खुलासा किया है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि इजरायली स्पाइवेयर कंपनी पैरागन सोल्यूशन्स (पैरागन सोल्यूशन्स) ने दुनियाभर में कई पत्रकारों और नागरिक समाज के सदस्यों को निशाना बनाया। इस साइबर अटैक के जवाब में, व्हाट्सप्प ने पैरागन को 'सीज एंड डेसिस्ट' (Cease-and-Desist) नोटिस भेजा है। कंपनी का कहना है कि वह यूजर्स की निजी सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। हालांकि, पैरागन सोल्यूशन्स ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

90 यूजर्स पर हुआ हमला, लेकिन कौन थे निशाने पर?

व्हाट्सप्प के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि लगभग 90 यूजर्स के डिवाइस को हैक करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि हमले का शिकार कौन बने। उन्होंने बताया कि ये यूजर्स 24 से अधिक देशों में फैले हुए थे, जिनमें यूरोप के कई नागरिक भी शामिल थे।

'Zero-Click' अटैक से डिवाइसेस को किया संक्रमित

दरअसल व्हाट्सप्प यूजर्स को इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भेजे गए, जिन्हें खोलने की कोई आवश्यकता नहीं थी। ये 'Zero-Click' हमले बहुत खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि वे बिना किसी इंटरैक्शन के डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। ऐसे हमले बेहद गुप्त होते हैं और साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। लेकिन व्हाट्सप्प ने इस हैकिंग प्रयास को विफल करने में सफलता पाई और यूजर्स को कनाडाई इंटरनेट निगरानी समूह सिटीजन लैब (Citizen Lab) के पास भेजा। हालांकि, कंपनी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि उसने पैरागन को इस हमले के लिए कैसे जिम्मेदार पाया।

स्पायवेयर के बढ़ते खतरों की चेतावनी

सिटीजन लैब के प्रमुख रिसर्चर जॉन स्कॉट-रेलटन ने कहा कि व्हाट्सप्प यूजर्स को निशाना बनाने के लिए पैरागन स्पायवेयर का उपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे साइबर हमलों के पैटर्न लगातार दोहराए जा रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि स्पायवेयर कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग कर रही हैं।

सरकारों को बेचे जाते हैं स्पायवेयर टूल्स

पैरागन और अन्य स्पायवेयर कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर सरकारी एजेंसियों को अपराध पर नजर रखने और देश की सुरक्षा के लिए बेचती हैं। लेकिन कई बार इसका इस्तेमाल पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, विपक्षी नेताओं और 50 से ज्यादा अमेरिकी अधिकारियों के फोन हैक करने के लिए भी किया गया है। इससे स्पायवेयर तकनीक के बेकाबू इस्तेमाल को लेकर गहरी चिंताएं बढ़ रही हैं।

हम नैतिक तरीके से काम करते हैं- पैरागन का दावा

हाल ही में फ्लोरिडा स्थित इन्वेस्टमेंट ग्रुप AE Industrial Partners ने पैरागन सोल्यूशन्स को खरीद  लिया था। कंपनी खुद को एक जिम्मेदार  स्पायवेयर निर्माता के रूप में पेश करती रही है। उनकी वेबसाइट पर लिखा है कि वे 'नैतिक रूप से आधारित उपकरण' बनाते हैं, जो खतरों से निपटने में मदद करते हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पैरागन का कहना है कि वह अपने उत्पाद केवल लोकतांत्रिक देशों की सरकारों को बेचता है। लेकिन व्हाट्सएप के इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सच है, या फिर यह कंपनी भी दूसरी स्पायवेयर कंपनियों की तरह गुप्त जानकारी जुटा रही है?
Akriti Tiwary
By Akriti Tiwary

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