116 विधायक, अधूरा बहुमत और अटका ताज…तमिलनाडु में विजय की सरकार पर क्यों लगा ब्रेक?

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त किसी हाई-वोल्टेज पॉलिटिकल थ्रिलर से कम नहीं दिख रही। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन तो कर दिया, लेकिन सत्ता की कुर्सी तक पहुंचते-पहुंचते सियासी गणित उलझ गया। दिनभर जश्न का माहौल रहा, समर्थकों ने पटाखे फोड़े, लेकिन रात होते-होते बहुमत का आंकड़ा विजय के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया। अब सवाल यही है क्या तमिलनाडु को 59 साल बाद पहली गैर DMK-AIADMK सरकार मिलेगी या फिर सियासी खेल नया मोड़ लेगा?
बहुमत नहीं जुटा पाए विजय, शपथ समारोह टला
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है। तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उनके पास बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन नहीं था।
जानकारी के मुताबिक, विजय केवल 116 विधायकों के समर्थन पत्र ही पेश कर पाए। इसी वजह से शनिवार को प्रस्तावित मुख्यमंत्री पद का शपथ समारोह टाल दिया गया। राज्यपाल ने कहा कि, जब तक 118 विधायकों का लिखित समर्थन नहीं दिखाया जाता, तब तक सरकार गठन का निमंत्रण नहीं दिया जा सकता।
किसके पास कितनी सीटें?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सीटों का गणित
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पार्टी |
सीटें |
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TVK |
107 |
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कांग्रेस |
5 |
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CPI |
2 |
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CPI(M) |
2 |
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VCK |
2 (समर्थन लंबित) |
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कुल संभावित समर्थन |
118 |
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बहुमत का आंकड़ा |
118 |
VCK ने बढ़ाया सस्पेंस
सत्ता गठन की पूरी कहानी अब VCK के दो विधायकों पर आकर टिक गई है। पार्टी प्रमुख थिरुमावलवन ने सार्वजनिक तौर पर TVK को समर्थन देने की बात कही, लेकिन देर रात तक राज्यपाल को औपचारिक समर्थन पत्र नहीं सौंपा। यही वजह रही कि विजय बहुमत से दो विधायक पीछे रह गए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि, VCK लगातार अलग-अलग दलों से बातचीत कर रही है।
देर रात तक चली बैठकों ने बढ़ाई हलचल
जानकारी के मुताबिक, VCK प्रमुख थिरुमावलवन ने शुक्रवार रात DMK नेताओं और AIADMK खेमे के नेताओं से भी मुलाकात की। इसके बाद सियासी अटकलें और तेज हो गईं। कुछ राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी शुरू हो गई कि अगर समीकरण बदले, तो कोई नया कॉमन CM फेस सामने आ सकता है।
दिनाकरन का बड़ा आरोप- TVK कर रही हॉर्स ट्रेडिंग
AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय की पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि TVK उनकी पार्टी के विधायक को तोड़ने की कोशिश कर रही है। दिनाकरन ने कहा कि, उनके विधायक कमराज का समर्थन पत्र फर्जी तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। दिनाकरन का कहना है कि उनकी पार्टी का समर्थन AIADMK नेता एडप्पडी पलानीस्वामी के साथ है और TVK झूठे समर्थन के जरिए सरकार बनाने की कोशिश कर रही है।
TVK ने आरोपों को बताया झूठ
विजय की पार्टी TVK ने दिनाकरन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि विधायक कमराज ने अपनी इच्छा से समर्थन पत्र दिया था। TVK का कहना है कि, पार्टी को किसी विधायक की खरीद-फरोख्त की जरूरत नहीं है और सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चल रही है।
VCK का X अकाउंट भी सस्पेंड
शुक्रवार को VCK का X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया गया। बताया गया कि नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई हुई। यह सस्पेंशन उस पोस्ट के बाद हुआ, जिसमें VCK ने TVK को समर्थन देने के संकेत दिए थे। हालांकि पार्टी ने अभी तक आधिकारिक समर्थन पत्र नहीं दिया है।
59 साल बाद बदलेगा राज्य का राजनीतिक इतिहास?
तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब DMK और AIADMK के अलावा कोई तीसरी पार्टी सत्ता के करीब पहुंची है। विजय की पार्टी TVK ने चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए सबसे ज्यादा सीटें जीतीं और राज्य की पारंपरिक राजनीति को सीधी चुनौती दे दी।
तमिलनाडु चुनाव 2026: किस पार्टी का कैसा प्रदर्शन रहा?
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पार्टी |
कितनी सीटों पर लड़े |
कितनी सीटें जीती |
स्ट्राइक रेट |
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TVK |
234 |
108 |
46% |
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DMK |
164 |
59 |
36% |
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AIADMK |
170 |
47 |
27.6% |
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कांग्रेस |
28 |
5 |
17.8% |
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BJP |
27 |
1 |
3.4% |
उत्तर और तटीय इलाकों में TVK का दबदबा
TVK को सबसे ज्यादा सफलता उत्तर तमिलनाडु और तटीय क्षेत्रों में मिली। वहीं DMK ने दक्षिणी इलाकों में बेहतर प्रदर्शन किया। AIADMK को उत्तर-मध्य क्षेत्रों में बढ़त मिली। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक युवा वोटर्स और विजय की लोकप्रियता ने TVK को बड़ा फायदा पहुंचाया।
विजय की पार्टी TVK का राजनीतिक सफर
अभिनेता विजय ने साल 2009 में विजय मक्कल इयक्कम के जरिए सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत की थी। इसके बाद फरवरी 2024 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर तमिलगा वेट्री कड़गम यानी TVK लॉन्च की। पार्टी ने युवाओं और गरीब परिवारों को ध्यान में रखकर कई बड़े चुनावी वादे किए। इनमें शादी के लिए लड़कियों को 8 ग्राम सोना और नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने जैसे वादे काफी चर्चा में रहे।
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लोकभवन के बाहर TVK समर्थकों का प्रदर्शन
सरकार गठन में देरी से नाराज TVK समर्थकों ने शुक्रवार को राज्यपाल भवन के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग की और जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई समर्थकों को हिरासत में लेना पड़ा। TVK नेताओं ने चेतावनी दी है कि, अगर DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो उनके विधायक इस्तीफा भी दे सकते हैं।











