इंजन खराब था...बरगी हादसे के बाद पायलट का दावा, 7 महीने पहले ही दी थी इंजन खराब की जानकारी, फिर भी नहीं हुआ सुधार

जबलपुर। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद पहली बार क्रूज पायलट महेश पटेल ने अपनी बात रखी है। कलेक्ट्रेट में दर्ज कराए गए बयान में उन्होंने कहा कि हादसे वाले क्रूज के इंजन में कई महीनों से तकनीकी खराबी थी और इसकी जानकारी उन्होंने करीब सात महीने पहले ही अधिकारियों और मैनेजमेंट को दे दी थी। इसके बावजूद किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बरगी बांध हादसे को लेकर पहले ही कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब पायलट के बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
'अक्टूबर में ही बता दिया था कि इंजन खराब है'
महेश पटेल ने अपने बयान में कहा कि अक्टूबर महीने में ही क्रूज के इंजन में खराबी की जानकारी मैकल रिजॉर्ट के मैनेजर को दी गई थी। उन्होंने बताया कि क्रूज के दो इंजनों में से एक इंजन बेहद धीमी गति से काम कर रहा था, जबकि दूसरा इंजन कभी भी बंद हो जाता था। इस संबंध में लिखित रूप से शिकायत भी की गई थी। महेश पटेल के अनुसार, यह जानकारी पर्यटन विभाग के जरिए भोपाल स्थित जल क्रीड़ा विभाग के महाप्रबंधक तक भी पहुंचाई गई थी। बावजूद इसके तकनीकी खामियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने फाइल को दबाकर मामला शांत करने की कोशिश की।
पायलट ने बताई हादसे के दिन की कहानी
बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए हादसे के बाद यह चर्चा थी कि पायलट क्रूज छोड़कर भाग गया था। अब महेश पटेल ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि हादसे के दौरान मौसम अचानक बेहद खराब हो गया था। तेज आंधी और तूफान के बीच पानी का बहाव इतना तेज था कि वह खुद भी लहरों में बह गए। उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान उन्होंने कई यात्रियों को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान पानी की एक तेज लहर क्रूज के अंदर घुस गई और वह संतुलन खो बैठे। महेश पटेल ने कहा कि वह खुद भी जान जोखिम में डालकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे।
'मैंने यात्रियों से लाइफ जैकेट पहनने को कहा था'
पायलट ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने यात्रियों को पहले ही लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा था, लेकिन कई लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि खराब मौसम को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी था, लेकिन कुछ यात्रियों ने निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, अब जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या क्रूज संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।
शिकायत करने वाले मैनेजर पर ही हुई कार्रवाई
महेश पटेल ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि जिस मैनेजर ने तकनीकी खराबियों को लेकर शिकायत की थी, उसी पर कार्रवाई कर दी गई। उनके मुताबिक, मैकल रिजॉर्ट के मैनेजर सुनील मरावी ने लिखित रूप से इंजन की खराबी की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में उन्हें ही सस्पेंड कर दिया गया। महेश का आरोप है कि अधिकारियों की ओर से इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पत्र की जानकारी बाहर न जाए, इसके लिए दबाव भी बनाया गया था। हालांकि, जब सुनील मरावी से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने पहले कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा था।
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एक इंजन के भरोसे चल रहा था पूरा क्रूज
महेश पटेल ने बताया कि क्रूज का एक इंजन सिर्फ नाम के लिए काम कर रहा था। इंजन स्टार्ट तो हो जाता था, लेकिन उसमें पिकअप नहीं था और स्पीड भी 12 से ऊपर नहीं जा रही थी। यही वजह थी कि उसका इस्तेमाल बहुत कम किया जाता था। उन्होंने कहा कि ज्यादातर समय पूरा क्रूज सिर्फ एक ही इंजन के भरोसे चलाया जा रहा था। ऐसे में खराब मौसम के दौरान स्थिति संभालना बेहद मुश्किल हो गया था।
हादसे के बाद जांच का दायरा बढ़ा
बरगी क्रूज हादसे के बाद अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन हादसे के हर पहलू की जांच कर रहा है। इस बीच बरगी विधायक नीरज सिंह ने भी कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। नीरज सिंह ने कहा कि क्रूज क्यों तोड़ा गया, इंजन खराब था या नहीं, इंश्योरेंस था या नहीं, ये सभी जांच के जरूरी बिंदु हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक जो कार्रवाई हुई है, वह सख्ती से की गई है और आगे भी किसी को बख्शा नहीं जाएगा।












