हाईस्कूल परीक्षा देने निकली छात्रा का सौदा:70 हजार में बेची गई नाबालिग, जबरन कराई शादी

कौशांबी जिले की कोखराज थाना पुलिस ने नाबालिग किशोरी की खरीद-फरोख्त और जबरन शादी कराने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 25 मार्च 2026 को हाईस्कूल की परीक्षा देने निकली छात्रा को अंशू नामक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद किशोरी को कानपुर ले जाया गया और फिर गिरोह के जरिए उसका सौदा कर दिया गया।
70 हजार रुपए में बेची गई किशोरी
जांच में सामने आया कि आरोपी अंशू जाटव ने सबसे पहले किशोरी को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उसे अपने साथी शाहरुख हुसैन के पास ले जाया गया। पुलिस के अनुसार अनुराधा नाम की महिला के जरिए सौदेबाजी हुई और किशोरी को 70 हजार रुपए में कासगंज निवासी मंजू देवी उर्फ फूलमती के हाथों बेच दिया गया। आरोप है कि इसके बाद मंजू देवी ने अपने देवर सुमित से किशोरी की जबरन शादी करा दी।
कमरे में बंद कर मारपीट और धमकी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे एक कमरे में बंद करके रखा जाता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। किशोरी ने यह भी आरोप लगाया कि उसे होटल ले जाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया है।
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मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
सत्यनारायण प्रजापत को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रोही चौराहे के पास कुछ संदिग्ध लोग एक लड़की की फोटो लेकर घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सुमित कुमार, शाहरुख हुसैन, अंशू जाटव, अनुराधा और मंजू देवी को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन और 13,105 रुपए नकद भी बरामद किए हैं।
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गिरोह के अन्य नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।











