महिला की मर्जी के बिना नहीं थोप सकते मातृत्व: हाई कोर्ट का अहम फैसला
इंदौर हाई कोर्ट ने 13 सप्ताह की गर्भवती विवाहित महिला को गर्भपात की अनुमति देते हुए कहा कि कानून की निर्धारित अवधि के भीतर गर्भ जारी रखना है या नहीं, इसका फैसला महिला स्वयं करेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है।
Hemant Nagle
6 Jul 2026



























