Peoples Update Special :MP में बदलेंगे भूमि उपयोग के नियम, हर जोन के लिए बनेगी नेगेटिव लिस्ट; हरित क्षेत्रों में निर्माण पर होगी सख्ती

मध्यप्रदेश सरकार भूमि विकास नियम-2012 में संशोधन की तैयारी कर रही है। नए मसौदे के तहत हर जोन के लिए नेगेटिव लिस्ट बनेगी, मिक्स्ड लैंड यूज को बढ़ावा मिलेगा और हरित क्षेत्रों, जलाशयों व विरासत स्थलों में निर्माण और अन्य गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
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MP में बदलेंगे भूमि उपयोग के नियम, हर जोन के लिए बनेगी नेगेटिव लिस्ट; हरित क्षेत्रों में निर्माण पर होगी सख्ती
MP में भूमि उपयोग के आधार पर होगी नेगेटिव लिस्ट

लेखक-अशोक गौतम, भोपाल। मध्यप्रदेश में भूमि उपयोग (लैंड यूज) और शहरी विकास से जुड़े नियमों में करीब 14 साल बाद बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित बदलाव के तहत अब हर भूमि उपयोग क्षेत्र (जोन) के लिए अलग-अलग 'नेगेटिव लिस्ट' तैयार की जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि जिस गतिविधि पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध नहीं होगा, उसे निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति दी जा सकेगी। सरकार ने इस मसौदे पर आम नागरिकों से 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सुझावों के आधार पर अंतिम संशोधन लागू किए जाएंगे।

मिक्स्ड लैंड यूज को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित नियमों में मिक्स्ड लैंड यूज को बढ़ावा दिया गया है। इससे आवासीय, व्यावसायिक और अन्य उपयोगों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। नए नियम लागू होने के बाद लोग निर्धारित शर्तों के तहत अपने घरों से ही कई तरह की व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित कर सकेंगे।

व्यावसायिक क्षेत्रों में भारी उद्योगों पर रोक

सरकार ने अलग-अलग जोन के लिए प्रतिबंधित गतिविधियों की विस्तृत सूची भी तैयार की है। इसके तहत व्यावसायिक क्षेत्रों में भारी उद्योग, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, खतरनाक और विस्फोटक रसायनों का भंडारण तथा खनन गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े आवासीय टाउनशिप, स्कूल और कुछ संवेदनशील संस्थानों के निर्माण पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

संशोधित नियमों में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार तालाब, जलाशय और अन्य जल निकायों में भूमि भराव, स्थायी निर्माण, औद्योगिक अपशिष्ट का निस्तारण, अतिक्रमण और खनन जैसी गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। वहीं विरासत (हेरिटेज) क्षेत्रों में बिना अनुमति भवन तोड़ने या निर्धारित सीमा से अधिक ऊंची इमारत बनाने की अनुमति नहीं मिलेगी। वन क्षेत्रों में भूमि उपयोग पूरी तरह वन विभाग के नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।

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अलग-अलग जोन के लिए प्रस्तावित प्रतिबंध

आवासीय क्षेत्र

आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, श्मशान, तेल डिपो, गैस गोदाम, कबाड़खाना, ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण और डेयरी संचालन की अनुमति नहीं होगी।

व्यावसायिक क्षेत्र

व्यावसायिक क्षेत्रों में भारी उद्योग, खतरनाक एवं विषैले रसायनों का भंडारण, विस्फोटक सामग्री और खनन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।

औद्योगिक क्षेत्र

औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े आवासीय टाउनशिप विकसित नहीं किए जा सकेंगे। यहां केवल कर्मचारियों के आवास की अनुमति होगी। साथ ही कसाईखाना, कबाड़खाना, संक्रमण रोग अस्पताल, गैस गोदाम और कारागार जैसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।

मनोरंजन क्षेत्र

मनोरंजन क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनियां, उद्योग, बड़े व्यावसायिक परिसर और ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण की अनुमति नहीं होगी।

विरासत एवं संरक्षित क्षेत्र

हेरिटेज और संरक्षित क्षेत्रों में कॉलोनियों, उद्योगों, बड़े गोदामों, संक्रमण रोग अस्पतालों, जेल और तेल डिपो जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।

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सुझावों के बाद होंगे अंतिम बदलाव

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि भूमि विकास नियमों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रारूप प्रकाशित कर नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद नियमों में अंतिम संशोधन लागू किए जाएंगे।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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