Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

तेजी से पिघला शिवलिंग!90% पिघला बाबा बर्फानी का शिवलिंग, फिर भी नहीं थम रही श्रद्धालुओं की भीड़

अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले पवित्र हिम शिवलिंग का आकार अब काफी छोटा हो गया है। इसके बावजूद यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। तीन दिनों में 56 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, जबकि प्रशासन ने बिना पंजीकरण वाले यात्रियों के लिए नई सलाह भी जारी की है।
Follow on Google News
90% पिघला बाबा बर्फानी का शिवलिंग, फिर भी नहीं थम रही श्रद्धालुओं की भीड़
AI-Generated Image

श्रीनगर।अमरनाथ यात्रा के बीच गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले पवित्र हिम शिवलिंग की ऊंचाई अब घटकर लगभग एक फीट रह गई है। हालांकि इसका असर श्रद्धालुओं की आस्था पर नहीं दिख रहा है। यात्रा शुरू होने के बाद से लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए बिना पंजीकरण वाले यात्रियों से कुछ दिन यात्रा टालने की अपील की है ताकि व्यवस्था बेहतर बनी रहे।

तेजी से छोटा हुआ पवित्र हिम शिवलिंग

अमरनाथ गुफा में बनने वाला पवित्र हिम शिवलिंग हर साल प्राकृतिक रूप से तैयार होता है। इस बार शुरुआत में इसका आकार काफी बड़ा था लेकिन लगातार बदलते मौसम के कारण अब इसकी ऊंचाई लगभग एक फीट रह गई है। मई में जारी तस्वीरों में इसकी ऊंचाई करीब सात फीट दिखाई दी थी, जबकि यात्रा शुरू होने से पहले प्रथम पूजा के समय यह पांच फीट से अधिक था। अब हाल में सामने आई तस्वीरों में शिवलिंग का आकार काफी कम नजर आ रहा है।

श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी

शिवलिंग का आकार घटने के बावजूद अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से हुई थी और पहले तीन दिनों में ही 56 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में करीब 48 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इस बार शुरुआती दिनों में ही यात्रियों की संख्या पिछले साल की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई है।

ये भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा 2026: श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़, 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह फुल

बिना पंजीकरण यात्रा न करने की अपील

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नई सलाह जारी की है। अधिकारियों ने कहा है कि 9 जुलाई तक सभी पंजीकरण स्लॉट भर चुके हैं। ऐसे में बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालु फिलहाल यात्रा शुरू न करें। यदि कोई यात्री बिना रजिस्ट्रेशन बालटाल या पहलगाम मार्ग से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो उसे सुरक्षा जांच केंद्रों पर रोक दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही आगे जाने की अनुमति मिलेगी।

दो रास्तों से जारी है अमरनाथ यात्रा

अमरनाथ यात्रा दो प्रमुख मार्गों से कराई जाती है। पहला पहलगाम मार्ग है, जिसकी लंबाई करीब 48 किलोमीटर है। दूसरा मार्ग बालटाल से होकर जाता है, जिसकी दूरी लगभग 14 किलोमीटर है। यह रास्ता छोटा जरूर है लेकिन चढ़ाई अधिक होने के कारण काफी कठिन माना जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार दोनों में से किसी भी मार्ग का चयन कर सकते हैं।

प्राकृतिक रूप से बनता है शिवलिंग

अमरनाथ गुफा का हिम शिवलिंग किसी व्यक्ति द्वारा तैयार नहीं किया जाता। यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से बनता है। गुफा की छत से टपकने वाला पानी धीरे धीरे जमकर बर्फ का शिवलिंग बनाता है। हर साल मौसम, तापमान और पानी की मात्रा के अनुसार इसका आकार अलग होता है।

ये भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा 2026: भारी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ तीसरा जत्था, करीब 4,812 श्रद्धालु शामिल

मौसम का असर भी पड़ रहा है

मौसम में बदलाव और बढ़ते तापमान का असर हिम शिवलिंग पर साफ दिखाई दे रहा है, इस बार शिवलिंग का आकार तेजी से कम हुआ है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में लोग लगातार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

Latest Posts