चुपके से बढ़ा खर्च!Swiggy ने प्लेटफॉर्म फीस में किया बड़ा इजाफा

स्विगी ने अपने प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वाले ग्राहकों पर सीधा असर देखने को मिल रहा है। कंपनी ने फीस को 14.99 से बढ़ाकर 17.58 कर दिया है, जिसके चलते हर ऑर्डर अब पहले से थोड़ा ज्यादा महंगा हो गया है।
Follow on Google News
Swiggy ने प्लेटफॉर्म फीस में किया बड़ा इजाफा
social media
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने अपने यूजर्स को एक बार फिर झटका दिया है। कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा कर दिया है। अब यह फीस करीब 14.99 रुपए से बढ़ाकर 17.58 रुपए कर दी गई है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से ऐप से खाना ऑर्डर करते हैं।

    क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस?

    प्लेटफॉर्म फीस वह अतिरिक्त चार्ज होता है जो स्विगी, जोमैटो या अन्य डिलीवरी प्लेटफॉर्म हर ऑर्डर पर लेते हैं। यह चार्ज ऐप के संचालन, तकनीकी मेंटेनेंस और सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए लिया जाता है। आसान भाषा में कहें तो यह एक तरह का सर्विस चार्ज है, जो हर ऑर्डर के साथ जुड़ जाता है। प्लेटफॉर्म फीस में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ता है।

    यह भी पढ़ें: 10 मिनट डिलीवरी मॉडल पर ब्रेक : Blinkit ने हटाई टाइम लिमिट, गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सरकार सख्त; जोमैटो-स्विगी भी हटाएंगे फीचर

    त्योहारों और बढ़ती डिमांड का असर

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 अगस्त जैसे खास मौकों पर जब ऑर्डर की डिमांड अचानक बढ़ जाती है, तब कंपनियां प्लेटफॉर्म फीस में बदलाव करती हैं। इसी तरह, कुछ इलाकों में डिमांड बढ़ने के चलते भी फीस में इजाफा किया गया। कंपनी का कहना है कि जब ऑर्डर की संख्या कम होगी, तो यह फीस दोबारा घटाई भी जा सकती है।

    दो साल में भारी बढ़ोतरी

    पिछले कुछ समय में प्लेटफॉर्म फीस में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब दो साल में यह चार्ज लगभग 600% तक बढ़ चुका है। पहले जहां यह फीस काफी कम थी, अब धीरे-धीरे बढ़कर यह ग्राहकों के बिल का हिस्सा बन गई है।

    यह भी पढ़ें: Swiggy के IPO के पहले निवेशकों के दिल धक-धक, माधुरी ने कंपनी में किया 1.5 करोड़ का निवेश

    GST भी शामिल

    यह भी ध्यान देने वाली बात है कि प्लेटफॉर्म फीस में GST शामिल होता है। यानी जो राशि ग्राहक से ली जाती है, उसमें टैक्स भी जुड़ा होता है। इसलिए कुल ऑर्डर बिल में यह चार्ज और ज्यादा महसूस होता है।

    जोमैटो की प्लेटफॉर्म फीस कम

    दूसरी ओर, जोमैटो इस समय स्विगी की तुलना में कम प्लेटफॉर्म फीस ले रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जोमैटो करीब 14 रुपए प्लेटफॉर्म फीस लेता है, हालांकि इसमें GST अलग से जोड़ा जाता है।
    हालांकि हाल ही में जोमैटो ने भी अपने प्लेटफॉर्म और सर्विस से जुड़े चार्ज और कीमतों में बढ़ोतरी की है, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ा है।

    स्विगी की कमाई बढ़ाने की रणनीति

    विशेषज्ञों का मानना है कि स्विगी अपनी कमाई बढ़ाने और बढ़ते खर्चों को संतुलित करने के लिए यह कदम उठा रही है। कंपनी ने अप्रैल 2023 में इस फीस को लागू करना शुरू किया था, जो समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ता गया।

    भारी नुकसान और निवेश का दबाव

    स्विगी को हाल ही में वित्तीय तिमाही में बड़ा नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी को करीब 1,197 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इसके अलावा इंस्टामार्ट जैसे सेक्शन में भारी निवेश भी किया जा रहा है, जिससे कंपनी पर खर्च का दबाव बढ़ रहा है।

    फूड डिलीवरी मार्केट बढ़ता कॉम्पिटिशन

    फूड डिलीवरी मार्केट में भी कॉम्पिटिशन तेजी से बढ़ रही है। अब नए खिलाड़ी भी इस क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। टैक्सी सर्विस कंपनी रैपिडो ने अपना फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‘Ownly’ लॉन्च किया है, जो फिलहाल कुछ चुनिंदा इलाकों में काम कर रहा है।

    ‘Ownly’ का मॉडल बाकी बड़े प्लेटफॉर्म से अलग है। यह रेस्टोरेंट पार्टनर्स से लगभग 8% से 15% तक कमीशन लेता है, जबकि अन्य बड़े प्लेटफॉर्म 16% से 30% तक कमीशन वसूलते हैं। यही वजह है कि नए प्लेटफॉर्म बाजार में अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts