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Surya Grahan 2024 : साल के पहले सूर्य ग्रहण पर 54 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, अमेरिका-कनाडा-मैक्सिको में बनेगी रिंग ऑफ फायर

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Surya Grahan 2024 : साल के पहले सूर्य ग्रहण पर 54 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, अमेरिका-कनाडा-मैक्सिको में बनेगी रिंग ऑफ फायर
Solar Eclipse 2024 : इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल, सोमवार चैत्र अमावस्या पर लगने वाला है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसको खग्रास सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण काफी खास माना जा रहा है, क्योंकि यह करीब 5 घंटे से अधिक अवधि का होगा। दुनिया के कई हिस्‍सों में दिखाई देगा। लेकिन, भारत में दृश्यमान नहीं होगा। साथ ही 54 साल बाद ये सूर्य ग्रहण एक साथ कई दुर्लभ संयोग लेकर आने वाला है। इस ग्रहण को लेकर अमेरिका टेंशन में हैं। आइए जानते हैं भारत और अमेरिका में सूर्य ग्रहण किस समय दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण का समय

साल के पहले सूर्य ग्रहण की अवधि बहुत लंबी रहने वाली है। भारतीय समयानुसार, ग्रहण 8 अप्रैल को रात 9 बजकर 12 मिनट से शुरू हो जाएगा और इसका समापन रात 2 बजकर 20 मिनट पर होगा। सूर्य ग्रहण की अवधि 05 घंटे 08 मिनट की रहेगी। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। वहीं अमेरिका के टेक्सास में दोपहर 1 बजकर 27 मिनट पर पूर्ण सूर्य ग्रहण की छाया शुरू होगी और 3 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। इसमें लगभग 7 मिनट का समय ऐसा रहेगा, जब पूरी धरती अंधकार में डूब जाएगी।

सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा

यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। कनाडा, उत्तरी अमेरिका, मैक्सिको में दिखाई देगा। इसके अलावा कोस्टा रिका, क्यूबा, डोमिनिका, फ्रेंच पोलिनेशिया, जमैका, आयरलैंड, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र, पश्चिमी यूरोप, पेसिफिक, अटलांटिक, आर्कटिक में ये ग्रहण दिखेगा।

बनेगी रिंग ऑफ फायर

दरअसल, 8 अप्रैल को अमेरिका-कनाडा-मैक्सिको में सूर्य ग्रहण का काफी प्रभाव रहेगा। अमेरिका के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण के चलते बिल्कुल अंधेरा छा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रक्रिया मैक्सिको (Maxico) से शुरू होगी और संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ राज्यों से होते हुए इसे पूरा अंधेरे में डुबो देगा। वहीं खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दिन रिंग ऑफ फॉयर (Ring Of Fire) बनने की पूरी संभावना है। जबकि, सूर्य ग्रहण के दिन अमेरिका-कनाडा-मैक्सिको में घना अंधेरा छाया रहेगा।

सूर्य ग्रहण अमेरिका में दिखेगा सबसे ज्यादा साफ

यह सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा साफ अमेरिका में देखा जा सकेगा। खास तौर से अमेरिका के उत्तरी हिस्से में ग्रहण स्पष्ट रूप पर नजर आएगा। इसके अलावा इस ग्रहण को पश्चिमी यूरोप पेसिफिक, अटलांटिक, आर्कटिक मेक्सिको, कनाडा, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भागों में देखा जाएगा। साथ ही इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में भी नजर आएगा। वहीं इस सूर्य ग्रहण का सीधा प्रसारण www.space.com वेबसाइट पर देखा जा सकेगा।

सूर्य ग्रहण से टेंशन में अमेरिका, स्कूल की छुट्टी

सूर्य ग्रहण दुनिया के कई देशों में दिखाई देगा। एक ओर कई लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण को देखने के लिए काफी उत्सुक हैं तो वहीं दूसरी तरफ ग्रहण को लेकर अमेरिका काफी चिंतित है, क्योंकि वहां कुछ राज्यों में इसे स्पष्ट तौर से देखा जा सकेगा। इसके लिए वहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। क्योंकि, अमेरिका में सूर्य की हानिकारकर किरणें सबसे ज्यादा प्रभावी रहेंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूर्य ग्रहण के चलते संयुक्त राज्य अमेरिका के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। बच्चों को स्कूल आने के लिए मना कर दिया गया है। ताकि लोग बाहर नहीं जा सकें। साथ ही अमेरिका की सरकार ने अपने नागरिकों को इस दिन घर में ही रहने की अपील कर रही है। जिससे सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाव हो सकें।

अमेरिका में कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

  • सैन एंटोनियो
  • डलास
  • कार्बोंडेल
  • लिटल रॉक
  • इंडियानापोलिस
  • क्लीवलैंड
  • बफेलो
  • बर्लिंगटन

54 साल बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण

इस साल का पहला सूर्य ग्रहण खास माना जा रहा है। क्योंकि, 8 अप्रैल को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और ये काफी लंबा सूर्य ग्रहण होगा। इस दिन सूर्य करीब 4 घंटे 29 मिनट तक ढका रहेगा। दुर्लभ संयोग पूरे 54 साल बाद बना है। इससे पहले इस तरह का सूर्य ग्रहण साल 1970 में दिखा था और अगली बार साल 2078 में दिखेगा। इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की शुरुआत दक्षिण प्रशांत महासागर से होगी। जब सूर्य ग्रहण लगेगा तब इस दौरान कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा। यानी ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से गायब हो जाएगा। इसके चलते दिन अंधेरा हो जाएगा।

भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा

यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण से इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। धार्मिक नजरिए से सूतक को शुभ नहीं माना जाता है। वहीं ग्रहण का भौतिक प्रभाव, आध्यात्मिक प्रभाव, सूतक का प्रभाव या किसी प्रकार का धार्मिक प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। इस ग्रहण के दौरान भारत में सभी लोगों के लिए सामान्य दिनचर्या रहेगी। शास्त्रों की मानें तो ग्रहण जहां लगता है और जहां पर दिखता है वहीं इसका प्रभाव भी पड़ता है। (नोट: यहां दी गई सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हम मान्यता और जानकारी की पुष्टि नहीं करते हैं।) धर्म से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें…
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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