सार्वजनिक जगह पर नशे में मिले दो पुलिसकर्मी,पास में लावारिस पड़ी थी INSAS राइफल,सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में दो पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में जमीन पर पड़े मिले। उनके पास सरकारी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी थी। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग जिले से एक कैदी को छोड़ने आए थे। घटना ने सरकारी हथियारों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सार्वजनिक स्थल पर नशे में मिले ASI और आरक्षक
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में रविवार शाम दो पुलिसकर्मी कथित तौर पर शराब के नशे में धुत हालत में मिले। बताया जा रहा है कि दोनों जमीन पर गिरे हुए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके पास सरकारी INSAS राइफल भी असुरक्षित हालत में पड़ी थी।
पास में सरकारी राइफल, किसी के हाथ लग जाती तो?
मामले में सबसे गंभीर पहलू सरकारी हथियार की सुरक्षा को लेकर है। INSAS जैसी राइफल का सार्वजनिक स्थान पर बिना निगरानी के पड़ा होना संभावित खतरे को बढ़ा सकता था। यदि हथियार किसी अनधिकृत व्यक्ति के हाथ लग जाता, तो गंभीर घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। इस घटना ने ड्यूटी के दौरान हथियारों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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दुर्ग से कैदी छोड़ने आए थे दोनों पुलिसकर्मी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग जिले से संबंधित बताए जा रहे हैं। इनमें एएसआई जीवन राम एक्का और एक आरक्षक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि दोनों एक कैदी को छोड़ने के लिए अंबिकापुर आए थे। कैदी को छोड़ने के बाद उन्होंने कथित तौर पर शराब पी और इसके बाद सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में गिर पड़े। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने राइफल कब्जे में ली, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी राइफल को अपने कब्जे में लिया और दोनों पुलिसकर्मियों को वहां से हटाया। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने की बात सामने आई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि ड्यूटी के दौरान सरकारी हथियार को किस परिस्थिति में असुरक्षित छोड़ा गया और संबंधित पुलिसकर्मियों ने निर्धारित नियमों का पालन किया था या नहीं।
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जांच के बाद तय होगी कार्रवाई
यह मामला केवल अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी हथियारों की सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। यदि जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही या अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। फिलहाल, जांच के निष्कर्ष और अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।




















