बस्तर में सड़क के अभाव की दर्दनाक तस्वीर,बीमार महिला को कांवड़ में उठाकर पहाड़ से उतार रहे ग्रामीण

जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत एलेंगनार के माला पारा में सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण एक बीमार महिला को कांवड़ के सहारे कंधों पर उठाकर अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दुर्गम रास्ते के कारण गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद दूरस्थ गांवों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क के अभाव में मरीज को कंधों पर ले जाने की मजबूरी
गांव में सड़क नहीं होने का खामियाजा ग्रामीणों को बीमारी और आपातकालीन परिस्थितियों में भुगतना पड़ रहा है। माला पारा में बीमार महिला को कांवड़ के सहारे ऊंचे पहाड़ से नीचे उतारकर अस्पताल ले जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के सामने मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए पैदल और कंधों के सहारे लंबा रास्ता तय करने की मजबूरी है।
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108 एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंचने का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क सुविधा के अभाव में आपातकालीन सेवा के लिए गांव तक 108 एंबुलेंस पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में मरीज को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाने के लिए ग्रामीणों को खुद ही इंतजाम करना पड़ता है। पहाड़ी और दुर्गम रास्तों के कारण यह चुनौती और गंभीर हो जाती है।
बच्चा हो या बुजुर्ग, सभी को उठाकर ले जाना पड़ता है
सामने आए वीडियो में एक युवक गांव की समस्या बताते हुए कहता है कि बच्चा हो, बुजुर्ग हो या जवान—बीमार पड़ने पर मरीज को इसी तरह कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ता है। युवक के अनुसार, मरीजों को कोड़ापोदर और झीरम तक ले जाने की मजबूरी रहती है। ग्रामीणों ने इस स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से ग्रामीणों के सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क नहीं होने से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ इलाज के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर इस समस्या का समाधान कब होगा और गांव तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा कब पहुंचेगी। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विकास के दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
बस्तर के दूरस्थ इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद अहम है। आपातकालीन स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली देरी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे में एलेंगनार के माला पारा की यह तस्वीर प्रशासन के सामने सड़क संपर्क, एंबुलेंस की पहुंच और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करने की जरूरत को रेखांकित करती है।
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अब आगे क्या?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि माला पारा जैसे दुर्गम गांवों में सड़क और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं कब तक सुलभ होंगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की समस्या का संज्ञान लेकर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे? फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि गांव तक सड़क संपर्क और जरूरत के समय मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




















