छिंदवाड़ा-सिवनी के किसानों के लिए अलर्ट, इस साल सिंचाई के लिए मिलेगा सीमित पानी

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और सिवनी जिले के किसानों के लिए सिंचाई को लेकर अहम सूचना जारी की गई है। कम बारिश के कारण वर्ष 2026-27 में पेंच व्यपवर्तन परियोजना के जलाशय में पर्याप्त पानी जमा नहीं हो पाया है। इसके चलते इस साल किसानों को सिंचाई के लिए सीमित पानी ही उपलब्ध कराया जाएगा। पेंच व्यपवर्तन बांध संभाग क्रमांक-1, चौरई के कार्यपालन यंत्री ने किसानों से कम पानी में तैयार होने वाली फसलें लगाने की अपील की है। विभाग के अनुसार, किसानों को एक पलेवा और दो बार पानी दिया जाएगा। इसके लिए करीब 60 दिनों की अवधि निर्धारित की गई है।
चना, सरसों और मटर की बोवनी करने की सलाह
विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, जलाशय में पानी की कमी को देखते हुए किसान ऐसी फसलों का चयन करें, जिनमें कम सिंचाई की जरूरत होती है।
किसानों को मुख्य रूप से इन फसलों की बोवनी करने की सलाह दी गई है-
- चना
- सरसों
- अलसी
- मटर
विभाग ने कहा है कि उपलब्ध सिंचाई जल को ध्यान में रखकर ही फसल का चयन करें, ताकि सीमित पानी का सही उपयोग किया जा सके।
गेहूं, गन्ना और मक्का की बोवनी पर चेतावनी
पेंच परियोजना विभाग ने अधिक पानी की जरूरत वाली फसलों को लेकर भी किसानों को आगाह किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि किसान अपनी इच्छा से हाइब्रिड गेहूं, गन्ना या मक्का जैसी फसलों की बोवनी करते हैं और उन्हें पर्याप्त सिंचाई जल नहीं मिल पाता, तो इसकी जिम्मेदारी विभाग की नहीं होगी। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल लगाने से पहले जलाशय में उपलब्ध पानी और सिंचाई की संभावनाओं का आकलन जरूर करें।
सीमित पानी का सोच-समझकर करें इस्तेमाल
कम बारिश के कारण इस साल सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में छिंदवाड़ा और सिवनी जिले के किसानों को फसल का चयन सावधानी से करने की जरूरत है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उपलब्ध जल का समुचित उपयोग करें और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता दें।




















