जबलपुर। आबकारी आयुक्त द्वारा 8 लाइसेन्स निरस्त करने के मामले में सोम डिस्टलरीज को गुरुवार को मप्र हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि 26 फरवरी 2026 को जारी हुई निविदा के नियमों की आड़ में याचिकाकर्ता को अयोग्य घोषित न किया जाए। इस अंतरिम राहत के साथ डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। वहीं सिंगल जज द्वारा याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ दाखिल अपील की सुनवाई डिवीजन बेंच ने 20 अप्रैल तक के लिए मुल्तवी कर दी है।
सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड व सोम डिस्टिलरीज एण्ड ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर इस याचिका में आबकारी आयुक्त के 4 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं के लाइसेन्स सस्पेण्ड कर दिए गए थे। यह कार्रवाई 26 फरवरी 2024 को जारी किए गए शो-कॉज नोटिस के आधार पर की गई थी, जिसमें फर्जी परमिट के जरिए शराब परिवहन का गंभीर आरोप सामने आया था। सिंगल बेंच ने बीते 24 मार्च को अपना फैसला सुनाते हुए न सिर्फ अंतरिम राहत देने से इनकार किया था, बल्कि कंपनियों की याचिका भी खारिज कर दी थी।
कंपनी की ओर से दाखिल याचिका और अपील पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पक्ष रखा, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ व अधिवक्ता राहुल दिवाकर और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह व उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कोर्ट में हाजिर होकर अपनी दलीलें रखीं।