एमपी में गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ा एक्शन: लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकियों की जांच को SIT गठित

मध्यप्रदेश में कारोबारियों को मिल रही गैंगस्टर स्टाइल धमकियों ने पुलिस महकमे को अलर्ट मोड पर ला दिया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके सहयोगी हैरी बॉक्सर के नाम पर करोड़ों की रंगदारी मांगने के मामलों में अब बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय ने इन मामलों की गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर दी है।
यह हाई-प्रोफाइल जांच अब एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के हाथों में होगी, जो पूरे नेटवर्क की परतें खोलेगी। SIT अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ASTF) की निगरानी में काम करेगी, जबकि टीम की कमान राहुल कुमार लोढ़ा (डीआईजी/एसपी, रेल, भोपाल) को सौंपी गई है।
विदेशी नंबर, VPN और व्हाट्सएप कॉल से धमकी
जांच में सामने आया है कि बदमाश अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। विदेशी नंबर, व्हाट्सएप कॉल और VPN के जरिए कारोबारियों को कॉल कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यहां तक कि धमकी में “बाबा सिद्दीकी जैसा हाल” करने की बात कहकर दहशत फैलाई जा रही है।
एमपी के कई जिलों में फैला नेटवर्क
इन धमकियों के मामले अलग-अलग जिलों में दर्ज किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
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एसटीएफ इन मामलों की जांच करेगी
- अशोकनगर थाना कोतवाली: अपराध क्रमांक 101/2026 (धारा 308(1), 308(2), 351(2) बीएनएस)
- इंदौर (देहात) थाना किशनगंज: अपराध क्रमांक 112/2026 (धारा 308(5), 351(4) बीएनएस)
- इंदौर (शहर) थाना तुकोगंज: अपराध क्रमांक 155/2026 (धारा 308(5), 351(4) बीएनएस)
- खरगोन थाना कसरावद: अपराध क्रमांक 94/2026 (धारा 308(4), 351(3) बीएनएस)
- भोपाल (शहर) थाना कोलार रोड: अपराध क्रमांक 183/2026 (धारा 351(4) बीएनएस)
- इंदौर (शहर) थाना क्राइम ब्रांच: अपराध क्रमांक 22/2026 (धारा 308(5), 351(4) बीएनएस)
इन सभी मामलों को अब एक ही छत के नीचे लाकर SIT द्वारा जांच की जाएगी, ताकि पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस मुख्यालय का यह कदम साफ संकेत देता है कि प्रदेश में संगठित अपराध और रंगदारी गैंग के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।












