हमीदिया अस्पताल में वेतन न मिलने की वजह से लिफ्ट व्यवस्था ठप हो गई, जिससे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि कुछ ऑपरेटर वापस लौट आए हैं और प्रबंधन ने जल्द स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिया है।
बता दें कि हमीदिया अस्पताल में करीब 19 लिफ्ट हैं, जिसमें से 11 लिफ्ट बंद थीं। जब प्रबंधन ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि अस्पताल के सभी 24 लिफ्ट ऑपरेटरों ने नौकरी छोड़ दी है। इनमें से कुछ अपने साथ लिफ्ट की चाबी भी ले गए। दरअसल, इन ऑपरेटरों को 6 महीने से वेतन नहीं दिया गया है, जिससे नाराज होकर इन्होंने नौकरी छोड़ दी। हालांकि प्रबंधन की समझाइश के बाद 11 ऑपरेटर काम पर लौट आए।

जानकारी के अनुसार, लिफ्ट संचालन का ठेका एक निजी एजेंसी के पास है, जिसका करीब 3 करोड़ 25 लाख रुपए भुगतान एक साल से अटका हुआ है। गांधी मेडिकल कॉलेज द्वारा पीडब्ल्यूडी को भुगतान नहीं किए जाने से एजेंसी ने कर्मचारियों का वेतन रोक दिया। एजेंसी के पास लिफ्ट ऑपरेटर उपलब्ध कराने के साथ मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी थी, जो अब प्रभावित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस जरूरी है, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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लिफ्ट बंद होने से इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। गंभीर मरीज, गर्भवती महिलाएं और हृदय रोगियों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में परेशानी हुई। बुजुर्ग रोशन सिंह ने बताया कि 11वीं मंजिल तक जाने के लिए एक घंटे से लाइन में खड़े हैं। वहीं ऑर्थोपेडिक आईसीयू के मरीज मो इकरार ने कहा कि ऑपरेशन के बाद सीढ़ियों से जाना संभव नहीं था, काफी देर इंतजार करना पड़ा।