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साउथ वेस्टर्न रिंग रोड मंडीदीप से फंदाकलां : किसानों की आपत्ति- सरकार दोगुना भाव दे रही, जबकि यहां जमीनों की कीमत 10 गुना तक ज्यादा

प्रस्तावित सड़क की जद में कोलार और हुजूर तहसील के 21 गांवों की भूमि
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साउथ वेस्टर्न रिंग रोड मंडीदीप से फंदाकलां : किसानों की आपत्ति- सरकार दोगुना भाव दे रही, जबकि यहां जमीनों की कीमत 10 गुना तक ज्यादा
संतोष चौधरी, भोपाल। मप्र सड़क विकास निगम करीब 1,323 करोड़ की लागत से मंडीदीप के इटाया कलां से कोलार, नीलबड़-रातीबड़ के बाहरी हिस्से से होते हुए फंदाकलां टोल नाके तक 40.9 किमी लंबा साउथ वेस्टर्न भोपाल रिंग रोड बनाने जा रहा है। इसके बनने से डेढ़ घंटे का सफर 30 से 35 मिनट में पूरा हो सकेगा। इसके निर्माण का ठेका पीएनसी इन्फ्राटेक कंपनी को 1,174 करोड़ रुपए में मिला है। एग्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही है। इसमें भोपाल और रायसेन जिले के 29 गांवों की 600 एकड़ निजी जमीन अधिग्रहण की जा रही है। इसमें कोलार तहसील के 4 और हुजूर के 17 गांवों के किसानों की जमीन है। सरकार ने तीन माह पहले सूचना जारी कर 60 दिन में दावे-आपत्तियां बुलाई थीं। कोलार के चारों गांवों ने लिखित आपत्तियां दर्ज नहीं कराई हैं। इसके बाद धारा 19 के तहत सूचना जारी कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी गई। हुजूर तहसील के 17 गांवों से 30 आपत्तियां आर्इं।  बताया जा रहा है कि हुजूर तहसील के समसपुरा, सरवर सहित अन्य गांव के किसानों ने दावे-आपत्तियां लगाई हैं। इनमें से कुछ गांवों के जमीन अधिग्रहण के लिए के लिए भी धारा 19 का  प्रकाशन हो चुका है। किसानों का कहना है कि इन गांवों में कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब से 12 से 45 लाख रुपए एकड़ है। सरकार सिर्फ दोगुना मुआवजा देने की बात कह रही है। जबकि बाजार मूल्य एक से डेढ़ करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। केस-1 बड़झिरी निवासी श्याम शर्मा की समसपुरा में 17 एकड़ जमीन है। 3 एकड़ जमीन फोरलेन में आ रही है। सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन से दोगुना मुआवजा देने को कहा है, जबकि यहां जमीन कलेक्टर गाइडलाइन से 10 गुना ज्यादा है। उन्होंने सहमति नहीं दी है। केस-2 ग्राम सरवर के रमेश परमार का कहना है कि सोने के भाव की जमीन के लिए सरकार कौड़ियों का मुआवजा दे रही है। यह हमारे लिए घाटे का सौदा है। कलेक्टर गाइड लाइन कम है, तो हम क्या करें। सरकार को किसानों को मुआवजा देने के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए। केस-3 ग्राम गोल के भैयालाल लोधी कहते हैं कि अभी इतना मालूम है कि सरकार दोगुना मुआवजा दे रही है। लेकिन यह तो बहुत कम है, यहां के जमीन के रेट तो आसमान छू रहे हैं। अधिग्रहण के लिए अभी हमारे गांव के किसी किसान ने सहमति नहीं दी है।

इन गांवों के किसानों की जमीन होगी अधिग्रहित

कोलार तहसील : पचामा, शोभापुर जहेज, गोल और कालापानी। हुजूर तहसील : समसपुरा, भानपुर केकड़िया, समसगढ़, आंवला, सरवर, झागरिया खुर्द, मुण्डला, टीलाखेड़ी, जाटखेड़ी, खोकरिया, बोरखेड़ी, रसूलिया घाट, दूबड़ी, पिपलिया धाकड़, फंदाकलां, नरेला और अमरपुरा।

अधिकारियों का क्या कहना है

एसडीएम हुजूर आशुतोष शर्मा : हुजूर में जमीन अधिग्रहण को लेकर 30 आपत्तियां आई हैं। अधिकतर जमीन दरों को लेकर हैं। असल में मुआवजे का पैरामीटर कलेक्टर गाइड लाइन है। दायरे में आने वाले मकान या ट्यूबवेल को भी दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। कोलार के पूर्व एसडीएम आशुतोष गोस्वामी : कोलार तहसील के 4 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण होना है। यहां के किसानों से एक भी दावे-आपत्तियां नहीं मिली है। जिन किसानों को मुआवजे को लेकर परेशानी है, वह आपत्तियां लगा सकते हैं। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह : साउथ वेस्टर्न भोपाल रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। दावे-आपत्तियां बुलाई है। किसानों की मुआवजे को लेकर आपत्ति है, तो यह पैरामीटर कलेक्टर गाइड लाइन को माना है। मध्य प्रदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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