सौसर में 24 घंटे में मंदिरों में चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; मूर्तियां और 56,849 रुपए बरामद
छिंदवाड़ा जिले के सौसर थाना क्षेत्र में लगातार दो दिन तीन मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं से पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। चोरों ने जैन मंदिर, सहस्त्रबाहु मंदिर और भवानी माता मंदिर को निशाना बनाकर भगवान की कई मूर्तियां, पूजा का सामान और दानपेटियों में रखी नकदी चोरी कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर चोरी का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से मंदिरों से चोरी की गई सभी मूर्तियां बरामद हो गई हैं। इसके साथ ही दानपेटियों से चोरी की गई 56,849 रुपए की नकदी, दो दानपेटियां, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
दो दिन में तीन मंदिरों को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को सौसर के जैन मंदिर और सहस्त्रबाहु मंदिर में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। इसके अगले दिन यानी 21 अगस्त 2026 को भवानी माता मंदिर में भी चोरी हो गई। लगातार तीन मंदिरों में चोरी होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार के निर्देश पर एसडीओपी प्रियंका पाण्डेय और थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मंदिरों का निरीक्षण किया और चोरी से जुड़े सबूत जुटाए। फरियादियों की रिपोर्ट पर थाना सौसर में अपराध क्रमांक 372/2026, 373/2026 और 377/2026 दर्ज किए गए। इन मामलों में धारा 331(4) और 305(a) BNS के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
लाखों की मूर्तियां और पूजा का सामान चोरी
पुलिस के मुताबिक, चोरों ने मंदिरों से भगवान पारसनाथ की 4 छोटी मूर्तियां और महावीर भगवान की 9 इंच की मूर्ति चोरी की थी। इसके अलावा आदिनाथ, नेमीनाथ, चौबीस तीर्थंकर और बाहुबली भगवान की पीतल की मूर्तियां भी चोरी हुई थीं। चोर अष्टधातु की आदिनाथ, गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्तियां, पीतल का कछुआ, चरण पादुका, तांबे की थाली, पूजा का दिया और शंख भी ले गए थे। इसके अलावा 2 पीतल की घंटियां और सहस्त्रबाहु भगवान का पीतल का मुकुट भी चोरी हुआ था। मंदिरों की दानपेटियों में रखी करीब 55 से 60 हजार रुपए की नकदी भी चोरी होने की जानकारी पुलिस को मिली थी।
CCTV से लेकर डॉग स्क्वायड तक की मदद ली
लगातार हुई चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई स्तर पर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद के मार्गदर्शन में एसडीओपी प्रियंका पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। जांच में पुलिस ने मुखबिर तंत्र, CCTV फुटेज, PSTN डाटा, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वायड की मदद ली। इन सभी माध्यमों से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने इस मामले में विक्की उर्फ मंडवा पिता नत्थू धुर्वे, उम्र 25 साल, करण पिता किशोर उइके, उम्र 19 साल और लक्ष्मी पति नत्थू धुर्वे, उम्र 45 साल, निवासी वार्ड क्रमांक 12, सौसर को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों ने मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया।
चोरी की मूर्तियां और नकदी पूरी तरह बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सभी मूर्तियां और दो दानपेटियां बरामद की हैं। दानपेटियों में रखी 56,849 रुपए की नकदी भी पुलिस ने बरामद कर ली है। इसके अलावा मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत करीब 70 हजार रुपए बताई गई है, और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इस तरह पुलिस ने चोरी के सामान के साथ वारदात में इस्तेमाल वाहन और अन्य सामान भी बरामद किया है।
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पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रूपलाल उइके के नेतृत्व में उप निरीक्षक प्रहलाद बैरागी, उनि राजेश कर्वेती, सउनि कैलाश पवार, सउनि प्रवीण परतेती, प्र.आर. ब्रजकिशोर मालवीय, अरुण डेहरिया, अखिलेश प्रताप सिंह, सुरेन्द्र बघेल, आरक्षक मनीष टेमरे, रवि टेकाम, राजेंद्र चोरिया, सोनू धुर्वे, कमलनाथ, विनोद टेक्ले, अखिलेश हिंगवे, रामराव बोआड़े, विकास सिंह और प्रकाश कुमरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर मिले सुरागों की मदद से कम समय में तीनों मंदिरों में हुई चोरी का खुलासा किया और आरोपियों के पास से चोरी का सामान बरामद किया।























