कटनी जमीन घोटाला: CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, PHQ के निर्देश पर CSP कार्यालय सीज

कटनी में जमीन फर्जीवाड़े के मामले में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस की विशेष टीम ने कटनी स्थित CSP कार्यालय को सीज कर दिया। कार्यालय सीज किए जाने की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यालय को सील किया गया।
पद के दुरुपयोग पर कोई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस संबंध में जानकारी साझा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले में पूरी निष्पक्षता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दस्तावेजों से छेड़छाड़ रोकने की कवायद
जानकारी के मुताबिक, CSP कार्यालय को सीज करने का मकसद मामले से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है। जांच एजेंसी को आशंका है कि कंहवारा जमीन सौदे से संबंधित फाइलों और दस्तावेजों से छेड़छाड़ न हो, इसलिए यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि जांच टीम सील किए गए कार्यालय को खोलकर संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर सकती है।
क्या है पूरा जमीन विवाद?
कुठला थाने में दर्ज एफआईआर में CSP नेहा पच्चीसिया, उनके कथित संबंधी या पार्टनर क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि हत्या के मामले में नामजद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर उसकी कंहवारा स्थित जमीन का सौदा कराया गया। दावा है कि जमीन की गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख रुपये थी, लेकिन इसे महज 18.20 लाख रुपये में मारूफ अहमद के नाम ट्रांसफर कराया गया। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि क्षितिज राज बारापत्रे के बैंक खाते से मारूफ अहमद के खाते में करीब 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
FIR के बाद बढ़ी CSP की मुश्किलें
इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद CSP कार्यालय को सीज किए जाने को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
निलंबन और विभागीय जांच की चर्चा
CSP स्तर के अधिकारी के कार्यालय को इस तरह सीज किए जाने से पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से निलंबन और विभागीय जांच की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी कार्रवाई हो सकती है।





















