सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में ग्रामीणों के साथ बैठक, वन्यजीव संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर बनी सहमति

सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन की पहल पर मटकुली स्थित इको सेंटर में ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और वन एवं वन्यजीव संरक्षण में समुदाय की भागीदारी को मजबूत करना था। इस दौरान वन्यजीव सुरक्षा, गांव में कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और इको विकास समिति के माध्यम से ग्राम विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
वन्यजीवों की सुरक्षा में ग्रामीणों की भागीदारी पर जोर
बैठक में ग्रामीणों को वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण में केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने भी वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि वन विभाग के साथ मिलकर वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व पर हुई चर्चा
बैठक में मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व को लेकर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वन क्षेत्र और उसके आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में वन विभाग को तत्काल जानकारी दें। संरक्षण के कार्यों में स्थानीय लोगों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया।
कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पर भी फोकस
मटकुली गांव में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। गांव में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण को साफ रखने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया गया। इको विकास समिति के माध्यम से ग्राम विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। समिति को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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45 लोग बैठक में हुए शामिल
बैठक में सरपंच, उपसरपंच, पंचगण, मटकुली परिक्षेत्र सहायक, वन विभाग के कर्मचारी और गांव के गणमान्य नागरिकों सहित कुल 45 प्रतिभागी मौजूद रहे। सभी ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ गांव की स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
आगे भी जारी रहेगा ग्रामीणों से संवाद
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि प्रबंधन स्थानीय समुदाय की सहभागिता को वन एवं वन्यजीव संरक्षण की महत्वपूर्ण कड़ी मानता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद और सहभागिता के ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि संरक्षण कार्यों को और मजबूत बनाया जा सके।


















