प्रसव के बाद नवजात के हाथ की हड्डी टूटी, परिजनों ने अस्पताल पर लगाए लापरवाही के आरोप

जबलपुर। एल्गिन अस्पताल में प्रसव के बाद एक नवजात के हाथ की हड्डी टूटने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद उन्हें बच्चे के हाथ में चोट की जानकारी दी गई। बाद में एक्स-रे कराया गया तो हाथ की हड्डी दो हिस्सों में टूटी मिली। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज को लेकर सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट के बाद अचानक कराई गई ऑपरेशन से डिलीवरी
परिजनों के मुताबिक, गर्भवती महिला का पिछले दो से तीन दिनों से अस्पताल में चेकअप चल रहा था। इस दौरान महिला की सभी रिपोर्ट सामान्य बताई गई थीं। इसके बावजूद अचानक ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराने का फैसला लिया गया। बताया गया कि रात करीब 9:30 बजे महिला की डिलीवरी हुई। डिलीवरी के बाद परिजनों को नवजात के हाथ में चोट और फ्रैक्चर की जानकारी दी गई। इसके बाद बच्चे का एक्स-रे कराया गया, जिसमें हाथ की हड्डी दो टुकड़ों में टूटी हुई बताई गई।
निजी अस्पताल ले जाने की सलाह का आरोप
परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह पर नवजात को इलाज के लिए बाहर एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां बच्चे का उपचार कराया गया। इसके बाद जब परिजन बच्चे को वापस एल्गिन अस्पताल लेकर पहुंचे तो आरोप है कि डॉक्टर ने तत्काल बच्चे को देखने से इनकार कर दिया। परिजनों के मुताबिक, उन्हें करीब 24 घंटे बाद जांच करने की बात कही गई। इस बात को लेकर परिवार में नाराजगी बढ़ गई।
अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
मामले की जानकारी मिलने के बाद रिजवान अली कोटी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी से मामले में कार्रवाई की मांग की। परिजनों का यह भी कहना है कि मौके पर संबंधित कार्यालय में ताला लगा मिला। इसके अलावा ड्यूटी डॉक्टर के मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन की चेतावनी
परिजनों ने मांग की है कि नवजात को एल्गिन अस्पताल में उचित उपचार और भर्ती की सुविधा दी जाए। उनका कहना है कि अगर मामले का संज्ञान लेकर बच्चे के इलाज की व्यवस्था नहीं की गई तो सोमवार को सीएमएचओ कार्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा।
CMHO ने क्या कहा?
वहीं, सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने मामले को लेकर कहा कि केस थोड़ा क्रिटिकल था। उनके अनुसार अस्पताल के डॉक्टरों ने सूझबूझ से जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित किया। सीएमएचओ ने बताया कि नवजात को बाहर निकालते समय मामूली इंजरी हुई है। इसके उपचार के लिए आर्थोपेडिक विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी और उम्मीद है कि बच्चे की चोट जल्द ठीक हो जाएगी। फिलहाल सीएमएचओ के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और अगले चार से पांच दिनों में उन्हें अस्पताल से घर भेजा जा सकता है। मामले को लेकर परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आया है। आगे की स्थिति जांच और उपचार के बाद ही स्पष्ट होगी।



















