गांधी मंच के सामने से हटाया अतिक्रमण, एक दर्जन से ज्यादा मनिहारी दुकानें हटाईं
सोहागपुर। नगर परिषद द्वारा शुक्रवार को मुख्य बाजार क्षेत्र स्थित गांधी मंच के सामने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। नगर परिषद की राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए मनिहारी की एक दर्जन से ज्यादा छोटी दुकानों को हटाया। बताया गया कि यह कार्यवाई एसडीएम डॉ. बबिता राठौर के निर्देश पर की गई। दरअसल, मुख्य बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, अवैध रूप से पार्क किए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई, दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था और शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर परिषद उपाध्यक्ष आकाश रघुवंशी, भाजपा मंडल अध्यक्ष अश्विनी सरोज और भाजपा नेता नन्नू छाबड़िया ने एसडीएम डॉ. बबिता राठौर से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने जन सुविधा को देखते हुए बाजार की व्यवस्था बेहतर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान यह भी मांग रखी गई थी कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया जाए, वहां दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जाए।
गलियों में बढ़ी वाहनों की आवाजाही
नगर परिषद की राजस्व शाखा प्रभारी संजय परसाई ने बताया कि एसडीएम के निर्देश और सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में गांधी मंच के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। इसके अलावा आसपास की अन्य गलियों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अतिक्रमण हटने के बाद इन गलियों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी सहित अन्य वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे बाजार क्षेत्र में आवागमन के लिए खाली स्थान उपलब्ध हुआ है।
खाली स्थान पर पार्किंग बनाने पर विचार
सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार गांधी मंच के सामने से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद खाली हुए स्थान का उपयोग दोपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए किए जाने पर विचार किया जा रहा है। पार्किंग व्यवस्था बनने के बाद स्थानीय निकाय द्वारा वाहनों से निर्धारित शुल्क लिए जाने की संभावना भी है।
प्रभावित दुकानदारों ने मांगी वैकल्पिक जगह
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित मनिहारी की छोटी दुकानें संचालित करने वाले लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा नेताओं के समक्ष अपनी समस्या रखी। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास टीन शेड में छोटी दुकानें चलाने के अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे शहर में दुकान खरीद या किराए पर ले सकें। दुकानदारों ने मांग की है कि यदि अतिक्रमण हटाया जा रहा है तो स्थानीय निकाय उनके जैसे छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने पर भी विचार करे, ताकि कार्रवाई के साथ उनकी आजीविका भी प्रभावित न हो।






















