सोहागपुर :ढाबा संचालक के हत्या का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, चरित्र शंका को लेकर की हत्या, कोर्ट में होगी पेशी

सोहागपुर। थाना सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अजनेरी स्थित राजपूत ढाबा संचालक सचिन पूर्विया की गोली मारकर की गई हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त देशी पिस्टल, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन एवं घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साईं कृष्ण एस. थोटा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी सोहागपुर संजू चौहान के नेतृत्व में थाना सोहागपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विवेक गुर्जर (30 वर्ष), निवासी होलीपुरा, बुधनी जिला सीहोर को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार 17 जून 2026 को फरियादी राजू उर्फ राजकुमार पूर्विया निवासी शोभापुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई सचिन पूर्विया (28 वर्ष) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस संबंध में थाना सोहागपुर में अपराध क्रमांक 394/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
आरोपी ने स्वीकारा जुर्म
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही विवेक गुर्जर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह सचिन पूर्विया पर चरित्र को लेकर शक करता था।
कैसे की हत्या
इसी कारण उसने बातचीत के बहाने सचिन को अजनेरी स्थित राजपूत ढाबे से अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम रानी पिपरिया स्थित पांजरा रोड नहर पुलिया के पास ले गया और सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
देशी पिस्टल, बाइक सहित मोबाइल फोन जब्त
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लगभग 20 हजार रुपये कीमत की देशी पिस्टल, टीवीएस मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन तथा घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उपनिरीक्षक राहुल पटेल, उपनिरीक्षक विवेक यादव, उपनिरीक्षक शहादत अली, सहायक उपनिरीक्षक वरुण सिंह, आरक्षक अंकुश, राममोहन, मनोहर दायमा, नंदकिशोर रजक, अफसर खान, राजकुमार, जोशवा मसीह, नरेंद्र भदौरिया तथा साइबर सेल के आरक्षक संदीप और दीपेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











