मजार में तोड़फोड़ का खुलासा:आरोपी गिरफ्तार, शराब पीने के लिए बैटरी की चोरी

सोहागपुर। 5 जुलाई 2026 को मजार में तोड़फोड़ और धार्मिक सामग्री से छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी ने मजार में रुपये तलाशने और बैटरी चोरी करने की बात स्वीकार की। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मजार में तोड़फोड़ के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार 5 जुलाई 2026 को फरियादी सलीम शाह (50), निवासी पठान चौक, सेमरी हरचंद, सोहागपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बागरातवा स्थित हजरत गौरी शाह बादशाह की मजार में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नीयत से मजार की रेलिंग तोड़ दी और चादर, कुरान शरीफ सहित अन्य सामग्री इधर-उधर फेंक दी। शिकायत पर थाना माखननगर में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 487/26, धारा 298 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक साईकृष्णा एस. थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी संजू चौहान के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अमजद उर्फ गोंगा (35) निवासी टांडा मोहल्ला, माखननगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना को लेकर जानकारी जुटाई गई।
आरोपी ने पूछताछ में कबूला जुर्म
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शराब पीने का आदी है और घटना के दिन शराब के लिए पैसे नहीं होने पर मजार में रखे दानपात्र, चादर और कुरान में रुपये तलाशे। रुपये नहीं मिलने पर उसने रेलिंग तोड़ दी, चादर और कुरान को एक ओर फेंक दिया और वहां से बैटरी भी चोरी कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी थाना माखननगर का आदतन अपराधी है और उसके विरुद्ध पूर्व से 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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कार्रवाई में पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान, माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक आकाशदीप पचाया, सहायक उपनिरीक्षक वीरेन्द्र शुक्ला और पुलिस बल के कैलाश, गजेन्द्र चौहान, मनीष कपाले, अर्जुन, रविन्द्र, रोहित और राहुल पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान टीम ने साक्ष्य जुटाकर आरोपी तक पहुंच बनाई और कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।












