Satna News :13 साल तक नहीं बनी सड़क, गांव वालों ने चंदा जुटाकर खुद बना डाला 1.5 किमी रास्ता

मध्य प्रदेश के सतना जिले के नकटी देवीपुर गांव ने आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। 13 साल तक सड़क बनने का इंतजार करने के बाद गांव के लोगों ने खुद ही समस्या का समाधान निकाल लिया। ग्रामीणों ने आपस में 1.25 लाख रुपए का चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान कर करीब 1.5 किलोमीटर लंबे कच्चे रास्ते को चलने लायक बना दिया। यह गांव नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र की कोठी तहसील में आता है। गांव की आबादी करीब 1500 है।
बारिश में गांव बन जाता था दलदल
ग्रामीण सौरभ सिंह ने बताया कि हर साल बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती थी। इससे बच्चों का स्कूल जाना और मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता था। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क बनाने की मांग की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। आखिरकार गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने फैसला किया कि अब सरकारी मदद का इंतजार नहीं करेंगे। सभी ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया, क्रशर की गिट्टी मंगवाई और ट्रैक्टर की मदद से रास्ते को समतल कर मोटरेबल बना दिया।
2013 में किया था चुनाव का बहिष्कार
नकटी देवीपुर गांव पहले भी सड़क को लेकर आंदोलन कर चुका है। वर्ष 2013 में ग्रामीणों ने 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का नारा देते हुए चुनाव का बहिष्कार किया था। इसके बाद सड़क का कुछ हिस्सा बनाया गया, लेकिन काम अधूरा ही रह गया। अब ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही गांव तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।












