Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Railway News :इंदौर समेत 9 स्टेशनों के पूछताछ केंद्र अब निजी एजेंसी चलाएगी, 20 जुलाई से बदलेगी व्यवस्था

20 जुलाई से इंदौर सहित रतलाम मंडल के 9 रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्र निजी एजेंसी संचालित करेगी। इससे 37 रेल कर्मचारियों को उनकी मूल ड्यूटी पर भेजा जाएगा। पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल यह व्यवस्था लागू करने वाला पहला मंडल बनेगा।
इंदौर समेत 9 स्टेशनों के पूछताछ केंद्र अब निजी एजेंसी चलाएगी, 20 जुलाई से बदलेगी व्यवस्था
इंदौर सहित 9 रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्र अब निजी एजेंसी चलाएगी।

इंदौर सहित रतलाम मंडल के नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की पूछताछ सेवा अब नई व्यवस्था के तहत संचालित होगी। 20 जुलाई से इन स्टेशनों के 10 पूछताछ केंद्रों की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को सौंप दी जाएगी। इसके साथ ही रतलाम मंडल पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बन जाएगा, जिसने पूछताछ केंद्रों के संचालन को आउटसोर्स करने का फैसला लिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से यात्रियों को 24 घंटे बेहतर जानकारी मिलेगी, वहीं पूछताछ केंद्रों पर तैनात 37 रेल कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारियों में लगाया जाएगा।

इंदौर समेत इन स्टेशनों पर लागू होगी नई व्यवस्था

पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मुकेश कुमार ने बताया कि इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, नागदा, दाहोद, नीमच, चित्तौड़गढ़ और डॉ. आंबेडकर नगर रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र अब हैदराबाद की मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी संचालित करेगी। एजेंसी का चयन निविदा प्रक्रिया के जरिए किया गया है और कर्मचारियों को काम शुरू करने से पहले रेलवे की कार्यप्रणाली और यात्री सहायता का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

37 रेल कर्मचारी लौटेंगे अपनी मूल ड्यूटी पर

फिलहाल इन पूछताछ केंद्रों पर टिकट चेकिंग और रिजर्वेशन कैडर के 37 रेल कर्मचारी तैनात हैं। रेलवे के अनुसार टिकट जांच स्टाफ के कई पद खाली हैं, इसलिए इन कर्मचारियों को अब टिकट जांच और दूसरी मूल जिम्मेदारियों में लगाया जाएगा। 

Breaking News

यात्रियों को मिलेंगी कई नई सुविधाएं

नई व्यवस्था के तहत करीब 40 प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। ये कर्मचारी यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी देने के साथ कोच गाइडेंस डिस्प्ले, स्टेशन अनाउंसमेंट, प्लेटफॉर्म और अन्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। जरूरत पड़ने पर दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक यात्रियों की मदद भी करेंगे। रेलवे ने फिलहाल इस व्यवस्था को एक साल के लिए लागू किया है। इसके बाद इसके परिणामों की समीक्षा कर आगे का फैसला लिया जाएगा।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts