ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। जिन विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट डाला उनमें रमेश जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा सोफिया फिरदौस की हो रही है, जिन्होंने कांग्रेस के फैसले से अलग जाकर बीजेपी के समर्थन में वोट डाला।
मतदान से दो दिन पहले ही सोफिया फिरदौस ने कांग्रेस के उस फैसले पर सवाल उठाए थे जिसमें पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में बीजू जनता दल के उम्मीदवार का समर्थन करने का निर्णय लिया था। उनका कहना था कि इस फैसले को लेकर उनसे न तो सलाह ली गई और न ही सहमति मांगी गई। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने उम्मीदवार को समर्थन तब दिया जब पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पहले ही समर्थन की घोषणा कर चुके थे। उनके मुताबिक यह “साझा उम्मीदवार” नहीं बल्कि सीधे तौर पर बीजू जनता दल का उम्मीदवार है।
सोफिया फिरदौस ने कहा कि ओडिशा में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए भी बीजू जनता दल जिम्मेदार रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJD ने कई मौकों पर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया है और कई मामलों में वह बीजेपी की ‘बी-टीम’ की तरह काम करती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश नहीं हो रही है, जिसकी वजह से कार्यकर्ताओं और नेताओं में निराशा बढ़ रही है।
सोफिया फिरदौस का जन्म 23 अगस्त 1991 को कटक में हुआ था। वह ओडिशा की बाराबती-कटक विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। उन्हें ओडिशा के ओडिया मुस्लिम समुदाय की पहली महिला विधायक भी माना जाता है। इसके अलावा वह नई पीढ़ी के नेताओं में गिनी जाती हैं और मिलेनियल पीढ़ी से आने वाली विधायक हैं।
सोफिया फिरदौस के पिता मोहम्मद मोकीम भी बाराबती-कटक सीट से विधायक रह चुके हैं। वह 2019 से 2024 तक विधायक रहे, लेकिन धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में ओडिशा हाई कोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द कर दी और उन्हें 2024 का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने उसी सीट से उनकी बेटी सोफिया फिरदौस को टिकट दिया।
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सोफिया फिरदौस ने कटक के सेंट जोसेफ गर्ल्स हाई स्कूल और रेवेनशॉ जूनियर कॉलेज से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने 2022 में भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद अब ओडिशा की राजनीति में सोफिया फिरदौस का नाम तेजी से चर्चा में आ गया है।