श्रमिक दिवस को लेकर नोएडा में हाई सिक्योरिटी:चप्पे-चप्पे पर ड्रोन निगरानी और हजारों पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात, धारा 163 लागू

नोएडा। पूरे कमिश्नरेट को जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा बढ़ाई गई है। भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। श्रमिक आंदोलनों की आशंका के चलते विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस लगातार गश्त और निगरानी के जरिए हालात पर नियंत्रण बनाए हुए है।
धारा 163 लागू, पुलिस अलर्ट मोड पर
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को देखते हुए जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन ने 8 मई तक धारा 163 लागू कर दी है। यह कदम संभावित विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में अप्रिय घटना घटित ना हो। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष नजर रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
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जोन और सेक्टर में बांटा गया कमिश्नरेट
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे कमिश्नरेट को 11 जोन और 49 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर जोन और सेक्टर में अलग-अलग पुलिस टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल जोन में भी विशेष बल की तैनाती की गई है, जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सके।
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ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए हाईटेक निगरानी की जा रही है। करीब 50 से अधिक स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इस तकनीकी निगरानी से पुलिस को रियल टाइम अपडेट मिल रही है और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो पा रही है।
भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती
जिले में सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें करीब 1800 से ज्यादा अतिरिक्त पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा 10 कंपनी पीएसी को भी लगाया गया है, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। खास बात यह है कि महिला पुलिसकर्मियों की भी बड़ी संख्या में ड्यूटी लगाई गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और संतुलित बनी रहे।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और कंट्रोल रूम से हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है। राजपत्रित अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को भी नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि सहयोग बना रहे।
14 अप्रैल को हुआ था हिंसक प्रदर्शन
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को जिले में मजदूरों द्वारा सैलरी बढ़वाने को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया गया था, जो बाद में हिंसक हो गया था। इस दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की थी। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।












