Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों से बदसलूकी के विरोध में 50 कर्मचारी हड़ताल पर, ओपीडी प्रभावित

सिंगरौली के नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों से कथित बदसलूकी के विरोध में करीब 50 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों की दो मांगों के चलते ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं।
नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों से बदसलूकी के विरोध में 50 कर्मचारी हड़ताल पर, ओपीडी प्रभावित
नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों से बदसलूकी

सिंगरौली के नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बदसलूकी के विरोध में करीब 50 कर्मचारी बुधवार को काम बंद कर हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों के आंदोलन का असर अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर पड़ा और इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने मामले में यूनियन सचिव आरके पांडेय के इस्तीफे और डॉक्टरों से कथित अभद्रता के लिए लिखित माफी की मांग की है।कर्मचारियों का आरोप है कि 17 सितंबर को अस्पताल की वरिष्ठ नर्स प्रेम कला के साथ एक मरीज के परिजन ने गाली-गलौज और अभद्रता की थी। इसके बावजूद मरीज अल्पेश कुमार की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर अभिषेक प्रभाकर ने उसका इलाज जारी रखा। कर्मचारियों के मुताबिक इसी दौरान यूनियन नेता बीएन सिंह और सचिव आरके पांडेय अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर प्रभाकर के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से काम बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उनका आरोप है कि कार्यस्थल पर इस तरह की घटनाओं से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है।

दो मांगों को लेकर कर्मचारियों का विरोध

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें यूनियन सचिव आरके पांडेय का इस्तीफा और डॉक्टरों से कथित बदसलूकी के मामले में लिखित माफी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक दोनों मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। आंदोलन के कारण अस्पताल प्रबंधन के सामने विवाद का समाधान करने के साथ ही मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

ये भी पढ़ें: MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आपराधिक केस लंबित होने पर पासपोर्ट रिन्यूअल नहीं रोका जा सकता

ओपीडी सेवाएं प्रभावित, मरीजों को करना पड़ा इंतजार

कर्मचारियों के काम बंद करने का सीधा असर अस्पताल की ओपीडी पर दिखाई दिया। इलाज और डॉक्टर से परामर्श के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को इंतजार करना पड़ा। कई मरीजों और उनके परिजनों को सेवाएं सामान्य होने की प्रतीक्षा करनी पड़ी। अस्पताल में अचानक कर्मचारियों के सामूहिक रूप से काम बंद करने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई। वहीं प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों और संबंधित पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉक्टर ने बताई 17 सितंबर की घटना

डॉक्टर सुखसागर वैश्य ने बताया कि 17 सितंबर की घटना में पहले अस्पताल की वरिष्ठ नर्स प्रेम कला के साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई थी। इसके बाद मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर अभिषेक प्रभाकर के साथ भी गाली-गलौज किए जाने की बात सामने आई। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर और नर्स अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ऐसे में उनके साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने काम बंद किया है।

ये भी पढ़ें: सिंगरौली में NTPC की ऐश पाइपलाइन फटी, सड़क पर फैली राख

पुलिस के पास फिलहाल शिकायत नहीं

मामले को लेकर सिंगरौली पुलिस का कहना है कि अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। एएसपी सर्वप्रिय सिन्हा ने बताया कि पुलिस के पास शिकायत आने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। विवाद को लेकर कर्मचारियों ने अपनी मांगें प्रबंधन के सामने रखी हैं और कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

Latest Posts