MP हाईकोर्ट की सख्ती, 2 IAS और 1 IPS अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के निर्देश

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तीन अलग-अलग अवमानना मामलों की सुनवाई के दौरान दो IAS और एक IPS अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं। इनमें वेटरनरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, पन्ना कलेक्टर उषा परमार और छिंदवाड़ा एसपी अजय पाण्डेय शामिल हैं। जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने पूर्व में जारी कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने और अवमानना याचिकाओं में अधिकारियों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए ये निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव को 5 अक्टूबर को हाजिर होने के निर्देश
जबलपुर के रिटायर्ड असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर केके गर्ग की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वेटरनरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन्हें 5 अक्टूबर को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। मामला याचिकाकर्ता के वेतन से काटी गई राशि वापस नहीं करने से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि गिरफ्तारी वारंट के बिना अधिकारी न तो अदालत में उपस्थित होंगे और न ही पहले दिए गए आदेश के पालन में सहयोग करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केवीएस सुनील राव ने पैरवी की।
पन्ना कलेक्टर उषा परमार को 30 सितंबर को तलब किया
पन्ना की रिटायर्ड सेक्शन राइटर जाविन आरा रिजवी की अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन्हें 30 सितंबर को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मामला याचिकाकर्ता को स्थायी कर्मचारी का लाभ देने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने से जुड़ा है। कोर्ट के नोटिस के बावजूद कलेक्टर की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विद्या प्रसाद ने पैरवी की।
छिंदवाड़ा एसपी अजय पाण्डेय के खिलाफ भी वारंट
जबलपुर निवासी सीता तिवारी की अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने छिंदवाड़ा एसपी अजय पाण्डेय के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामला याचिकाकर्ता के पति स्वर्गीय संतोष कुमार तिवारी से जुड़े लाभों के भुगतान का है। हाईकोर्ट ने पहले ₹2.24 लाख की वसूली का आदेश रद्द करते हुए पूरी राशि ब्याज सहित वापस करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इस आदेश का पालन नहीं किया गया। अदालत ने अपने आदेश में अधिकारी के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सचिन पाण्डेय ने पैरवी की।




















