ग्वालियर में विकास के श्रेय पर भाजपा में खींचतान; संगठन की चुप्पी, थम नहीं रही केंद्रीय मंत्री सिंधिया और सांसद कुशवाह गुट की टसल

ग्वालियर। शहर में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह से जुड़े समर्थकों के बीच राजनीतिक खींचतान अब सार्वजनिक रूप से चर्चा का विषय बन गई है। हाल में केंद्रीय मंत्री को काले झंडे दिखाए जाने और शहर में विकास कार्यों से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच बढ़ते मतभेद को लेकर भाजपा के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्वालियर में विकास कार्यों को लेकर सिंधिया लगातार सक्रिय रहे हैं। वहीं सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थक भी क्षेत्र में हो रहे कार्यों को लेकर अपनी भूमिका और सक्रियता सामने रखते रहे हैं। इसी बीच विकास कार्यों के श्रेय को लेकर समर्थकों के बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
सीएम ने संभाली थी कमान
राजनीतिक खींचतान बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में ग्वालियर के विकास कार्यों से जुड़ी बैठकें और कार्यक्रम हुए। इसे पार्टी के भीतर दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा गया। हालांकि, हालिया घटनाओं के बाद यह सवाल फिर उठ रहा है कि स्थानीय स्तर पर चल रही खींचतान को संगठन किस तरह नियंत्रित करता है।
नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा
भाजपा के राजनीतिक गलियारों में संगठन और सरकार में नियुक्तियों को लेकर भी अलग-अलग चर्चाएं हैं। हालांकि, किन पदों पर नियुक्तियां लंबित हैं और इसके पीछे कोई गुटीय कारण है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल ग्वालियर की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि विकास कार्यों का श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा आने वाले समय में किस रूप में सामने आती है और भाजपा संगठन इस पर क्या रुख अपनाता है।
'किसी समाज का कोई जागीरदार नहीं है'
कुशवाह समाज के कुछ लोगों द्वारा बहकावे में आ गए थे और किसी भी समाज का कोई जागीरदार नहीं है।
-नारायण सिंह कुशवाह, उद्यानिकी मंत्री




















