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सिंहस्थ में सीहोर बनेगा ‘क्राउड कंट्रोल हब’, प्लेटफॉर्म-2 की ओर एक लाख श्रद्धालुओं को रोकने का प्लान

उज्जैन सिंहस्थ-2028 में उमड़ने वाली भीड़ को संभालने सीहोर में एक लाख श्रद्धालुओं का हाईटेक होल्डिंग एरिया प्रस्तावित है। प्लेटफॉर्म-2 की ओर IRCON ने साइट का प्राथमिक निरीक्षण किया।
सिंहस्थ में सीहोर बनेगा ‘क्राउड कंट्रोल हब’, प्लेटफॉर्म-2 की ओर एक लाख श्रद्धालुओं को रोकने का प्लान
सिंहस्थ में सीहोर बनेगा ‘क्राउड कंट्रोल हब’

सीहोर। उज्जैन सिंहस्थ-2028 में जब आस्था का सैलाब उमड़ेगा, तब सीहोर सिर्फ उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं का रास्ता नहीं होगा, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने वाली सबसे अहम कड़ी बन सकता है। प्रयागराज महाकुंभ में सामने आए महाजाम और घंटों तक सड़कों पर फंसे श्रद्धालुओं के अनुभव से सबक लेते हुए प्रशासन ने अभी से बड़ा प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। योजना है कि सीहोर में करीब एक लाख श्रद्धालुओं की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया विकसित किया जाए, जहां जरूरत पड़ने पर भीड़ को सुरक्षित रोककर आगे की यात्रा चरणबद्ध तरीके से कराई जा सके।

एक लाख श्रद्धालु...और भीड़ पर लगेगा ‘ब्रेक’

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन की ओर अचानक बढ़ने वाले श्रद्धालुओं के दबाव को नियंत्रित करने के लिए सीहोर को महत्वपूर्ण होल्डिंग पॉइंट के रूप में तैयार करने की योजना है। करीब एक लाख लोगों की क्षमता वाले इस क्षेत्र में भीड़ को कुछ समय के लिए रोका जा सकेगा। यातायात सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं को धीरे-धीरे उज्जैन की ओर रवाना किया जाएगा। इससे सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों की भीड़ एक साथ जमा होने से रोकने में मदद मिलेगी।

सड़क किनारे नहीं, सुविधाओं के बीच होगा इंतजार

होल्डिंग एरिया को केवल भीड़ रोकने की जगह बनाने की योजना नहीं है। यहां श्रद्धालुओं के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, महिला-पुरुष शौचालय, भोजन, चाय-नाश्ता, कैंटीन और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। यानी अगर उज्जैन जाने का रास्ता कुछ समय के लिए रोका जाता है तो श्रद्धालुओं को धूप, बारिश या सड़क किनारे अव्यवस्थित परिस्थितियों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

प्लेटफॉर्म नंबर-2 की ओर IRCON ने देखी जमीन

इस पूरी योजना में रेलवे स्टेशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रतलाम मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार, होल्डिंग एरिया या स्टे निर्माण के लिए IRCON द्वारा सीहोर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 की ओर स्थित साइट का प्राथमिक निरीक्षण किया जा चुका है। हालांकि अभी स्थल का अंतिम चयन नहीं हुआ है। जरूरत के अनुसार दूसरे संभावित स्थानों का भी परीक्षण किया जा सकता है।

नौ जिलों को जोड़कर बनेगा बड़ा क्राउड नेटवर्क

सिंहस्थ की भीड़ को केवल उज्जैन में नियंत्रित करने के बजाय आसपास के जिलों तक फैलाकर संभालने की रणनीति बनाई जा रही है। सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और धार को व्यापक भीड़ नियंत्रण नेटवर्क में शामिल किया गया है। इनमें सीहोर और धार को प्रमुख होल्डिंग पॉइंट के तौर पर देखा जा रहा है। भोपाल और आसपास से उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीहोर महत्वपूर्ण पड़ाव बन सकता है।

ऑनलाइन बैठक के बाद जमीन पर शुरू हुआ मंथन

नौ जिलों के अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक के बाद स्थानीय स्तर पर संभावित होल्डिंग एरिया की जगहों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। प्रशासन को प्रस्तावित स्थल की क्षमता, पार्किंग, पानी, शौचालय, भोजन, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं का आकलन कर विस्तृत प्लान तैयार करना है। यह प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद आगे की रूपरेखा तय होगी।

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रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ी तो सिस्टम संभालेगा दबाव

सिंहस्थ और कुबरेश्वर धाम के कारण सीहोर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन और आसपास के संवेदनशील स्थानों का आकलन शुरू किया है। राइट्स के सर्वे में यात्रियों से बातचीत, ड्रोन सर्वे और जिला प्रशासन के साथ समन्वय के जरिए संभावित यात्री दबाव को समझने की कोशिश की गई है।

डिजिटल डिस्प्ले, वाई-फाई और CCTV से हाईटेक होगा इंतजाम

प्रस्तावित व्यवस्था में बड़े वेटिंग एरिया और पर्याप्त सीटिंग के साथ डिजिटल ट्रेन डिस्प्ले, बेहतर अनाउंसमेंट सिस्टम, पेयजल, फूड काउंटर, कैफेटेरिया, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई और CCTV निगरानी जैसी सुविधाओं की परिकल्पना की गई है। ऐसे इंतजामों से श्रद्धालुओं को जानकारी भी समय पर मिलेगी और भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

प्रयागराज का महाजाम बना चेतावनी का सबक

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से कई मार्गों पर यातायात का दबाव बेहद बढ़ गया था। लंबी कतारें, वाहनों की रफ्तार थमना और श्रद्धालुओं का घंटों इंतजार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना। सिंहस्थ-2028 में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सीहोर में पहले से ‘सेफ्टी बफर’ तैयार करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

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एक लाख लोगों की व्यवस्था होगी बड़ी अग्निपरीक्षा

योजना कागज पर जितनी बड़ी और आकर्षक है, जमीन पर इसे उतारना उतनी ही बड़ी चुनौती होगी। एक लाख श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पानी, भोजन, शौचालय, पार्किंग, चिकित्सा, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्था के साथ पुलिस, प्रशासन और रेलवे के बीच मजबूत तालमेल जरूरी होगा। अगर यह प्लान तय क्षमता और मानकों के मुताबिक जमीन पर उतरता है, तो सिंहस्थ के दौरान सीहोर श्रद्धालुओं के सफर का महज पड़ाव नहीं, बल्कि भीड़ के दबाव से उन्हें सुरक्षित निकालने वाला ‘सुरक्षा कवच’ बन सकता है।

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत्रि...Read More

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