Silambam Guru:सिलंबम गुरु के सम्मान ने जीता दिल...पद्म श्री लेने पहुंचे, PM मोदी को साष्टांग प्रणाम का वीडियो वायरल

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह सोमवार को खास चर्चा में रहा, जहां देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर कला, साहित्य, चिकित्सा, विज्ञान और खेल जैसे क्षेत्रों से जुड़े 66 प्रमुख व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। समारोह के दौरान एक ऐसा भावुक पल सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। पुडुचेरी के सिलंबम गुरु के. पजानिवेल ने पुरस्कार लेने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साष्टांग प्रणाम किया, जिसके बाद वहां मौजूद सभी लोग कुछ क्षणों के लिए भावुक हो गए।
राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में देशभर से आए सम्मानित व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पद्म पुरस्कार दिए गए। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली हस्तियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इस वर्ष कुल 131 व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है, जिनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। पहले चरण में 66 लोगों को सम्मान प्रदान किया गया।
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धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण
इस समारोह में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके योगदान को भारतीय सिनेमा में बेहद महत्वपूर्ण माना गया। इसके अलावा कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को भी अलग अलग श्रेणियों में सम्मान दिया गया।
सिलंबम गुरु का भावुक क्षण बना चर्चा का विषय
पुडुचेरी के प्रसिद्ध सिलंबम गुरु के. पजानिवेल को उनके पारंपरिक मार्शल आर्ट सिलंबम को बढ़ावा देने के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया लेकिन कार्यक्रम का सबसे चर्चा वाला पल तब आया जब उन्होंने पुरस्कार लेने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साष्टांग प्रणाम किया। इस दृश्य ने सभी को हैरान कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत उन्हें उठाने की कोशिश की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। यह क्षण पूरे समारोह में भावनात्मक और विशेष बन गया, जिसे वहां मौजूद लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
सिलंबम कला में जीवन समर्पित
के. पजानिवेल ने अपने जीवन को प्राचीन तमिल मार्शल आर्ट सिलंबम को समर्पित कर दिया है। उन्होंने हजारों छात्रों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया है और इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। सिलंबम एक प्राचीन युद्धकला है जिसमें बांस की लाठी का उपयोग किया जाता है और यह तेज गति, संतुलन और फुर्ती के लिए जानी जाती है।
अन्य हस्तियों को भी मिला सम्मान
इस अवसर पर कई अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया। महिला हॉकी के विकास में योगदान देने वाले बलदेव सिंह को भी पद्म श्री से नवाजा गया। उन्होंने हरियाणा के शाहबाद क्षेत्र को महिला हॉकी का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।











