CG News :छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ में हाथियों के हमलों में दो लोगों की मौत

रायगढ़। जिले में शनिवार तड़के जंगली हाथियों के दो अलग-अलग हमलों में दो लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद राज्य में इस सप्ताह हाथियों के हमलों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों घटनाएं धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल और कापू वन परिक्षेत्र में हुईं। घटनाओं की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घर से बाहर निकली महिला पर हाथी ने किया हमला
धरमजयगढ़ के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) जितेंद्र उपाध्याय के अनुसार, कापू वन परिक्षेत्र के तालगांव में एक जंगली हाथी के गांव में घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान 37 वर्षीय शकुंतला बाई घर से बाहर निकलीं, तभी हाथी ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उनके साथ मौजूद नाबालिग बेटी बाल-बाल बच गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
शौच के लिए निकले मजदूर की भी गई जान
दूसरी घटना छाल वन परिक्षेत्र के औरनारा गांव में हुई, जहां शनिवार सुबह करीब पांच बजे 50 वर्षीय मजदूर बंधन सिंह अगरिया शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान उनका सामना जंगली हाथी से हो गया और हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। शेष 5.75 लाख रुपए की अनुग्रह राशि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दी जाएगी।
उत्तर छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष
वन विभाग के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। हाल के वर्षों में इसका प्रभाव राज्य के मध्य क्षेत्रों तक भी फैल गया है। कोरबा और उससे सटे रायगढ़ जिले का धरमजयगढ़ इलाका सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। इसके अलावा सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जिलों में भी हाथियों के गांवों और खेती वाले क्षेत्रों में प्रवेश की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, जिससे जनहानि के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंचता है।
पांच वर्षों में 330 से अधिक लोगों की गई जान
ताजा घटनाओं के साथ राज्य में इस सप्ताह हाथियों के हमलों की तीन घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। इससे पहले 9 जुलाई को कोरबा जिले में जंगली मशरूम एकत्र कर रहे 55 वर्षीय व्यक्ति की हाथी के हमले में मौत हो गई थी। वहीं, पिछले महीने भी कोरबा में एक 40 वर्षीय चरवाहे और 70 वर्षीय महिला की जान हाथी के हमले में चली गई थी। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों के हमलों में 330 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं ने वन्यजीव प्रबंधन और मानव सुरक्षा को लेकर नई चुनौती खड़ी कर दी है।












