भोपाल:31 मार्च 2027 से बंद होगा स्वच्छ भारत मिशन, 450 संविदा कर्मचारियों का दूसरे विभागों में होगा समायोजन

मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 31 मार्च 2027 को समाप्त होने जा रहा है। मिशन की अवधि खत्म होने से पहले राज्य सरकार ने इसमें कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मिशन बंद होने के बाद कर्मचारियों को सेवा मुक्त करने के बजाय उनकी सेवाओं का उपयोग अन्य विभागों और योजनाओं में किया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने विभिन्न विभागों से रिक्त संविदा पदों की जानकारी मांगी है ताकि समय रहते कर्मचारियों का समायोजन किया जा सके।
बेरोजगार नहीं होंगे संविदा कर्मचारी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में वर्तमान में राज्य, जिला और जनपद स्तर पर करीब 450 अधिकारी और कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं। सरकार की योजना है कि मिशन समाप्त होने के बाद इन सभी योग्य कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाए जिससे उनकी नौकरी सुरक्षित रहे। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को अगले सप्ताह होने वाली एजीएम (AGM) की बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। बैठक में विभागीय मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) भी मौजूद रहेंगे।
इन विभागों से मांगी गई रिक्त पदों की जानकारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कई विभागों और योजनाओं से खाली संविदा पदों का विवरण मांगा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
- मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA)
- ग्रामीण यांत्रिकी सेवा
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
- पंचायत राज संचालनालय
- विकास आयुक्त कार्यालय
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना
- विकसित भारत अभियान
- राजीव गांधी जलग्रहण मिशन
- वाल्मी (WALMI)
- राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), जबलपुर
इन विभागों में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर कर्मचारियों का समायोजन किया जाएगा।
किन पदों के कर्मचारियों का होगा समायोजन?
सरकार ने राज्य, जिला और जनपद स्तर पर कार्यरत विभिन्न श्रेणी के संविदा कर्मचारियों के समायोजन की योजना बनाई है।
राज्य स्तर पर
- प्रोग्रामर
- उपयंत्री
- मानचित्रकार
- लेखापाल
- सहायक ग्रेड-1 एवं ग्रेड-3
- डाटा एंट्री ऑपरेटर
- भृत्य
जिला स्तर पर
- जिला समन्वयक
- परियोजना अधिकारी (तकनीकी)
- मानचित्रकार
- लेखापाल
- डाटा एंट्री ऑपरेटर
- जनपद (ब्लॉक) स्तर पर
- ब्लॉक समन्वयक (Block Coordinator)
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सरकार और कर्मचारियों दोनों को होगा फायदा
इस फैसले से संविदा कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और सरकार को भी प्रशिक्षित एवं अनुभवी मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।
सरकार को होने वाले प्रमुख लाभ:
- रिक्त पदों पर अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति होगी।
- नई भर्ती की आवश्यकता कम होगी।
- विभिन्न योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी।
- प्रशिक्षण पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
कर्मचारियों को होने वाले लाभ:
- मिशन बंद होने के बाद भी रोजगार सुरक्षित रहेगा।
- सेवा में निरंतरता बनी रहेगी।
- लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के अनुभव का बेहतर उपयोग होगा।
रिक्त पदों की सूची मिलते ही शुरू होगी प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जैसे ही संबंधित विभागों से रिक्त संविदा पदों का पूरा विवरण प्राप्त होगा, कर्मचारियों के समायोजन की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि 31 मार्च 2027 से पहले ही सभी कर्मचारियों को नए विभागों में पदस्थ कर दिया जाए ताकि किसी को भी बेरोजगार न होना पड़े।
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शहरी मिशन के कर्मचारियों की स्थिति अलग
वहीं Swachh Bharat Mission (शहरी) के मामले में स्थिति अलग है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस मिशन के लिए अलग से बड़ा संविदा अमला नियुक्त नहीं किया गया था। भारत सरकार की यह योजना मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी थी जिसे 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहरी मिशन मुख्य रूप से आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों पर केंद्रित रहा है। इसलिए वहां कार्यरत संविदा कर्मचारियों के समायोजन को लेकर फिलहाल ग्रामीण मिशन जैसी कोई व्यापक योजना नहीं बनाई गई है।












