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Quad Meeting 2026:भारत की मेजबानी में क्वाड बैठक, उठा इंडो-पैसिफिक का मुद्दा, मार्को रुबियो बोले- 'होर्मुज हर हाल में खुलेगा'!

नई दिल्ली में भारत की मेजबानी में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक हुई, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों, समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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भारत की मेजबानी में क्वाड बैठक, उठा इंडो-पैसिफिक का मुद्दा, मार्को रुबियो बोले- 'होर्मुज हर हाल में खुलेगा'!

नई दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक ने साफ संकेत दे दिया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अब भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया मिलकर बड़ा जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं। इस बैठक में सिर्फ बातचीत नहीं हुई, बल्कि सुरक्षा, समुद्री ताकत, सप्लाई चेन और तकनीक जैसे मुद्दों पर ठोस योजनाएं भी बनाई गईं। बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए। इस बैठक में वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुई, जिसमें होर्मुज का मुद्दा भी अहम रहा।

होर्मुज हर हाल में खुलकर रहेगा

बैठक की शुरूआत में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि QUAD देशों के बीच साझा गतिविधियों और साझा चुनौतियों पर गंभीर और रणनीतिक चर्चा की जा रही है। उन्होंने मौजूदा वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया कई बड़े अवसरों और गंभीर चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। वहीं इस बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुला रहना चाहिए और रहेगा।

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हिंद-प्रशांत पर रहेगा QUAD का फोकस

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बैठक की शुरुआत में कहा कि QUAD अब केवल चर्चा करने वाला मंच नहीं है, बल्कि यह दुनिया की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र QUAD की प्राथमिकता बना रहेगा। इस इलाके में समुद्री सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक स्थिरता बेहद जरूरी है।

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जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय कई मुश्किलों का सामना कर रही है। सप्लाई चेन टूट रही हैं, जरूरी संसाधन कुछ ही देशों तक सीमित हो रहे हैं और समुद्री रास्तों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि QUAD देश मिलकर इन चुनौतियों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। 

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समुद्री सुरक्षा पर भी खास जोर

बैठक में समुद्री सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा रही। QUAD देशों ने हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। जयशंकर ने बताया कि चारों देशों के बीच समुद्री सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। 

आतंकवाद और साइबर अपराध पर भी चर्चा

QUAD देशों ने आतंकवाद को भी बड़ा खतरा बताया। इसके अलावा ऑनलाइन स्कैम और साइबर अपराध को लेकर भी चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और इससे निपटने के लिए QUAD देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में साइबर सुरक्षा उतनी ही जरूरी हो गई है जितनी सीमा सुरक्षा।

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पेनी वोंग ने भारत को बताया बड़ी ताकत

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अहम ताकत बताया। पेनी वोंग ने कहा कि इस क्षेत्र के सभी देशों को अपने फैसले खुद लेने की आजादी होनी चाहिए। कोई भी देश दबाव में आकर निर्णय न ले, यही QUAD की सोच है।

पेनी वोंग ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय QUAD ने जमीन पर काम करके अपनी ताकत साबित की है। चाहे राहत कार्य हो या जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, QUAD लगातार आगे बढ़ रहा है।

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अमेरिका ने कहा- अब एक्शन का समय

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि QUAD अब केवल चर्चा तक सीमित नहीं है। यह तेजी से एक्शन बेस्ड पार्टनरशिप बनता जा रहा है। उन्होंने भारत और विदेश मंत्री जयशंकर का धन्यवाद करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में QUAD की अहमियत और बढ़ गई है।
रूबियो ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बड़ी बैठक QUAD देशों के साथ हुई थी। उन्होंने कहा कि चारों देश मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए काम कर रहे हैं।

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जापानी विदेश मंत्री मोटेगी का सहयोग

QUAD बैठक के दौरान जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने कहा कि QUAD मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक को साकार करने के लिए अपने सहयोग को और मजबूती से आगे बढ़ाएगा। उनका कहना था कि QUAD का उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र, सुरक्षित और स्थिर बनाए रखना है। मोटेगी ने बैठक के दौरान QUAD सहयोग को तेज करने समेत कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।

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सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा पर भी चर्चा 

बैठक में सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा पर भी खास चर्चा हुई। दुनिया के कई देशों को इस समय तेल, गैस और जरूरी सामानों की आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। QUAD देशों ने फैसला लिया कि वे सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई पहल शुरू की गई है। इसके अलावा QUAD पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप के तहत फिजी में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाएगा।

अवैध मछली पकड़ने और तस्करी पर निगरानी

QUAD देशों ने सैटेलाइट डेटा शेयरिंग बढ़ाने का भी फैसला किया है। इसके जरिए समुद्र में होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसमें अवैध मछली पकड़ना, तस्करी और समुद्री अपराध शामिल हैं। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्यों में भी यह तकनीक मदद करेगी।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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