
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला आज राजनीतिक हलचल का केंद्र बनी हुई है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया है। इस कार्यक्रम को पार्टी ने जन आक्रोश पदयात्रा नाम दिया है, जिसका उद्देश्य संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। शहर में सुबह से ही राजनीतिक माहौल गर्म है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।
शिमला में यह पदयात्रा चौड़ा मैदान से शुरू हुई, जहां से पार्टी के कार्यकर्ता और नेता शहर के मुख्य मार्गों से होकर आगे बढ़े। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से आए लोग शामिल हुए हैं। बीजेपी का कहना है कि यह कार्यक्रम महिलाओं के अधिकारों और राजनीति में उनकी भागीदारी को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस प्रदर्शन को और भी खास बना दिया है। पार्टी का दावा है कि ये केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं है बल्कि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की आवाज को मजबूत करने का प्रयास है। कार्यक्रम में शामिल लोग हाथों में पार्टी के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर की।
इस पूरे प्रदर्शन के पीछे मुख्य मुद्दा महिला आरक्षण से जुड़ा है। बीजेपी का कहना है कि संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम में हुए बदलाव या उससे जुड़ी स्थिति ने महिलाओं को मिलने वाले राजनीतिक अवसरों पर असर डाला है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने के लिए ये कानून बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि यदि महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र अधूरा रह जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी देश के कई हिस्सों में विरोध और जागरूकता कार्यक्रम कर रही है, जिसमें शिमला भी शामिल है। पार्टी इसे महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है।
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इस पदयात्रा में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने इस कार्यक्रम को महिलाओं की आवाज को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा सिर्फ विरोध नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर एक संदेश भी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई जिलों से महिलाएं शामिल हुई हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक भी है। नेताओं ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण महिलाओं को सही प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है।
इस कार्यक्रम को देखते हुए शिमला प्रशासन और पार्टी दोनों ने मिलकर ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए खास तैयारी की है। शहर में सुबह से ही कई जगहों पर यातायात नियंत्रित किया गया है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। बीजेपी के प्रदेश सह - प्रभारी प्यार सिंह कुंवर ने बताया कि पदयात्रा के दौरान शहर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग अलग पार्किंग स्थान तय किए गए हैं। बड़ी बसों और वाहनों को शहर के बाहरी इलाकों में रोका जा रहा है ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने। छोटे वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में विशेष ट्रैफिक रूट बनाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा संदेश महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को बढ़ाना बताया जा रहा है। बीजेपी का कहना है कि महिला आरक्षण का मुद्दा केवल एक कानून नहीं बल्कि देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा विषय है। पार्टी नेताओं के अनुसार महिलाओं को अगर बराबरी का अवसर मिलेगा तो समाज में बड़ा बदलाव आएगा। इसी सोच के साथ यह पदयात्रा निकाली जा रही है जिसमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखी जा रही है।
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