कौन हैं शशि शेखर वेम्पति?जो अब संभालेंगे CBFC की कमान, OTT और सिनेमा दोनों पर पड़ेगा असर?

एंटरटेनमेंट डेस्क। भारत की फिल्म दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया विशेषज्ञ शशि शेखर वेम्पति को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। यह फैसला सिर्फ एक पद भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे फिल्म इंडस्ट्री और सर्टिफिकेशन सिस्टम को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
कौन हैं शशि शेखर वेम्पति?
शशि शेखर वेम्पति मीडिया और प्रसारण क्षेत्र का एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने प्रसार भारती के सीईओ के रूप में करीब पांच साल तक काम किया। इस दौरान उन्होंने देश के सार्वजनिक प्रसारण को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए। उनकी अगुवाई में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट को बढ़ाया गया।नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में काम हुआ। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके काम की गहराई और प्रभाव को दर्शाता है।
CBFC क्या करता है?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) भारत में फिल्मों को सर्टिफिकेट देने वाली सबसे अहम संस्था है। जिसका काम फिल्मों को उम्र के हिसाब से श्रेणी देना (U, UA, A आदि) और यह सुनिश्चित करना कि फिल्में सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का ध्यान रखें।
विवादित कंटेंट पर फैसला लेना
सीधे शब्दों में कहें तो, जो फिल्में आप सिनेमाघरों में देखते हैं, उनके पीछे CBFC की मंजूरी होती है। अब जब वेम्पति इस पद पर आए हैं, तो उनसे कई उम्मीदें जुड़ी हैं। सबसे बड़ी चुनौती है संतुलन बनाना।
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सर्टिफिकेशन सिस्टम में क्या बदलाव आ सकते हैं?
वेम्पति की पृष्ठभूमि तकनीक और मीडिया दोनों से जुड़ी रही है। उन्होंने AI और डीप टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी काम किया है। ऐसे में CBFC में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
- डिजिटल प्रोसेस मजबूत हो सकती है- फिल्मों की ऑनलाइन सबमिशन प्रक्रिया और आसान और तेज हो सकती है।
- पारदर्शिता बढ़ सकती है- फिल्मकारों को यह साफ पता होगा कि उनकी फिल्म को किस आधार पर सर्टिफिकेट दिया गया।
- समय की बचत- फिल्मों के सर्टिफिकेशन में लगने वाला समय कम हो सकता है।
तेजी से बदलती फिल्म दुनिया
आज भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पहले से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। इन सबके बीच CBFC की भूमिका और भी अहम हो गई है।
- ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का असर- Netflix, Amazon Prime जैसे प्लेटफॉर्म्स ने कंटेंट का खेल बदल दिया है।
- क्षेत्रीय सिनेमा का उभार- साउथ और अन्य भाषाओं की फिल्में अब पूरे देश और दुनिया में देखी जा रही हैं।
- ग्लोबल सहयोग- भारतीय फिल्में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रही हैं।
आगे क्या उम्मीद करें?
शशि शेखर वेम्पति के नेतृत्व में CBFC से ये बदलाव देखने को मिल सकते हैं-
- सर्टिफिकेशन प्रक्रिया ज्यादा आधुनिक और तेज हो।
- फिल्मकारों को ज्यादा स्पष्ट गाइडलाइन मिले।
- तकनीक का बेहतर इस्तेमाल हो।
- कंटेंट और समाज के बीच संतुलन मजबूत बने।











