बिहार कैबिनेट विस्तार:JDU की लिस्ट में बड़े नाम, निशांत कुमार को लेकर चर्चा तेज; कल पटना में होगा शपथ समारोह

बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गुरुवार 7 मई को गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। तय कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर 12:10 बजे राज्यपाल सम्राट चौधरी नई सरकार के मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज है और अलग-अलग दलों से मंत्रियों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं।
JDU कोटे से इन नेताओं को मिल सकता है मौका
जनता दल यूनाइटेड के कोटे से जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है उनमें कई अनुभवी और कुछ नए चेहरे शामिल हैं। संभावित सूची में निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खां, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा और दामोदर रावत जैसे नाम शामिल हैं। इन नामों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन पूरा हो चुका है और अंतिम मुहर लगना बाकी है।
LJP (रामविलास) से दो नाम लगभग तय
चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से मंत्री पद के लिए संजय सिंह और संजय पासवान के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी ने ये दोनों नाम मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं। गौरतलब है कि पिछली सरकार में भी ये दोनों नेता मंत्री रह चुके हैं ऐसे में एक बार फिर उन्हें जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
HAM और RLM कोटे से भी तैयारियां पूरी
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) कोटे से मंत्री बनने वाले नाम लगभग तय बताए जा रहे हैं जबकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के हिस्से में आने वाले एक मंत्री के नाम पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक इस सीट को लेकर आखिरी दौर की बातचीत जारी है।
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BJP कोटे के नाम अमित शाह की मौजूदगी में होंगे फाइनल
भाजपा के कोटे से मंत्रियों के नाम अभी तय नहीं हुए हैं। जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना पहुंचने के बाद इन नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। इसी के साथ बीजेपी अपने कोटे से संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रही है।
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सियासी समीकरण साधने की कोशिश
इस कैबिनेट विस्तार को आगामी चुनावों से पहले अहम माना जा रहा है। इसमें जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ सहयोगी दलों को साधने की रणनीति साफ नजर आ रही है। गांधी मैदान में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है जहां नई टीम के साथ सरकार अपने अगले कदम की दिशा तय करेगी।












