बंगाल चुनाव के बाद हिंसा पर सख्त एक्शन :200 से ज्यादा FIR, 400 से ज्यादा गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भड़की हिंसा को लेकर अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में हुई झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। पुलिस का दावा है कि हालात अब नियंत्रण में हैं और सख्ती दिखाई दे रही है। अब तक सैकड़ों मामले दर्ज कर लिए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
200 से ज्यादा FIR, 400 से ज्यादा गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर अब तक 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही 433 लोगों को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
1100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया
डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता के मुताबिक, सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं, बल्कि सावधानी के लिए 1100 से ज्यादा लोगों को अलग-अलग धाराओं में पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद आगे किसी भी तरह की हिंसा को रोकना है।
'अब कोई नई घटना नहीं, हालात शांत'
पुलिस का दावा है कि सख्त कार्रवाई के बाद स्थिति में सुधार हुआ है। सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा कि आज सुबह से किसी भी तरह की नई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। हालात अब शांत हैं और पूरी तरह नियंत्रण में हैं। हालांकि, प्रशासन अभी भी सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी है।
चुनाव नतीजों के बाद भड़की थी हिंसा
दरअसल, विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। इस दौरान कई इलाकों में तनाव का माहौल बन गया था।
दो मौतों ने बढ़ाई चिंता
हिंसा के दौरान दो लोगों की मौत की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया था। न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित पिटाई के बाद मौत हो गई थी। वहीं बीरभूम के नानूर में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अबीर शेख की हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं के बाद प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया था।
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कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़
कोलकाता के टॉलीगंज, कस्बा, बारुईपुर, कमरहटी और बारानगर समेत कई जगहों पर पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हावड़ा और बहरामपुर में भी हिंसा की खबरें आईं। टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के कार्यालय को भी नुकसान पहुंचाया गया।
संदेशखाली में पुलिस टीम पर हमला
संदेशखाली इलाके में हालात उस वक्त और बिगड़ गए, जब शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान घायल हो गए थे।
निर्वाचन आयोग ने दिए सख्त निर्देश
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी इस मामले में सख्ती दिखाई। उन्होंने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाए। आयोग का यह कदम हालात को जल्दी काबू में लाने के लिए अहम माना जा रहा है।












