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आसमान से भी ऊंची उपलब्धि! शक्ति शर्मा ने हासिल की टू-स्टार रैंक, पहली महिला एयर वाइस मार्शल बनकर रचा इतिहास

भारतीय वायुसेना की शक्ति शर्मा ने इतिहास रच दिया है। वह भारतीय रक्षा सेवाओं के नॉन-मेडिकल स्टाफ में एयर वाइस मार्शल यानी टू-स्टार रैंक हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। शक्ति शर्मा ने 1 सितंबर 2026 से असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन) का पदभार संभाल लिया है।
आसमान से भी ऊंची उपलब्धि! शक्ति शर्मा ने हासिल की टू-स्टार रैंक, पहली महिला एयर वाइस मार्शल बनकर रचा इतिहास
शक्ति शर्मा बनीं पहली महिलाएयर वाइस मार्शल अधिकारी

भारतीय वायुसेना की अधिकारी शक्ति शर्मा ने महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शक्ति शर्मा भारतीय रक्षा सेवाओं के नॉन-मेडिकल स्टाफ में एयर वाइस मार्शल के पद तक पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। एयर वाइस मार्शल भारतीय वायुसेना में टू-स्टार रैंक है। उनकी इस उपलब्धि को रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। शक्ति शर्मा ने 1 सितंबर 2026 से असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन) का पदभार संभाल लिया है। करीब 32 साल के लंबे करियर में उन्होंने वायुसेना के अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उनकी नई जिम्मेदारी शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कामों से जुड़ी है।

नॉन-मेडिकल क्षेत्र में पहली महिला अधिकारी

शक्ति शर्मा की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह भारतीय रक्षा सेवाओं के नॉन-मेडिकल क्षेत्र में एयर वाइस मार्शल बनने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। इससे पहले सेना और नौसेना में महिलाएं कर्नल और उनके बराबर के रैंक तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन शक्ति शर्मा ने एयर वाइस मार्शल बनकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उनकी पदोन्नति को भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह उपलब्धि उन महिला अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा है, जो रक्षा सेवाओं में आगे बढ़कर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालना चाहती हैं।

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32 साल का शानदार करियर

शक्ति शर्मा 18 जून 1994 को भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थीं। इसके बाद से उन्होंने करीब तीन दशक से ज्यादा समय तक अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। उनके करियर में फील्ड स्टेशन से लेकर कमांड हेडक्वार्टर, ट्रेनिंग सेंटर और एयर हेडक्वार्टर तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण काम किए। उन्होंने IIT कानपुर और पुणे यूनिवर्सिटी में भारतीय वायुसेना की ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने में भूमिका निभाई।

सैनिक स्कूल की पहली महिला प्रिंसिपल

शक्ति शर्मा के करियर की एक और खास उपलब्धि पंजाब के कपूरथला से जुड़ी है। उन्होंने वहां तीनों सेनाओं के लिए जवानों को तैयार करने वाले सैनिक स्कूल में पहली महिला प्रिंसिपल के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस भूमिका में उन्होंने शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े कामों को आगे बढ़ाया। उनके अनुभव का बड़ा हिस्सा युवाओं और सैन्यकर्मियों की शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ा रहा है।

महिलाओं के लिए खुला आगे बढ़ने का रास्ता

भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। साल 2010 से महिलाओं को परमानेंट कमीशन देने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद महिला अधिकारियों को लंबे समय तक सेवा करने और अपनी योग्यता व अनुभव के आधार पर उच्च पदों तक पहुंचने के अवसर मिले। शक्ति शर्मा की उपलब्धि भी इसी बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। उनके लंबे अनुभव, योग्यता और सेवाओं को देखते हुए उन्हें एयर वाइस मार्शल की जिम्मेदारी दी गई है।

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वायुसेना में पहले भी महिलाओं ने रचे बड़े इतिहास

भारतीय वायुसेना में शक्ति शर्मा से पहले भी कई महिला अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। महिलाओं ने कमांड, फाइटर ट्रेनिंग और ऑपरेशनल भूमिकाओं में अपनी क्षमता साबित की है। साल 2023 में ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी को वेस्टर्न सेक्टर में एक फ्रंटलाइन कॉम्बैट यूनिट की कमान सौंपी गई थी। वह पाकिस्तान सीमा के पास तैनात मिसाइल स्क्वाड्रन की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। इसी तरह स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। वह ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट में फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला पायलट बनी थीं। वहीं, मई 2026 में स्क्वाड्रन लीडर सान्या भारतीय वायुसेना में एलीट कैटेगरी-A क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक

शक्ति शर्मा की उपलब्धि सिर्फ एक पदोन्नति नहीं है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बदलती भूमिका को भी दिखाती है। आज महिलाएं वायुसेना में केवल चुनिंदा जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कमांड, प्रशिक्षण, शिक्षा और दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी नेतृत्व कर रही हैं। एयर वाइस मार्शल के पद तक पहुंचकर शक्ति शर्मा ने महिला अधिकारियों के लिए एक नया रास्ता बनाया है। उनकी करीब 32 साल की सेवा, अनुभव और उपलब्धियां यह दिखाती हैं कि लगातार मेहनत और योग्यता के दम पर महिलाएं रक्षा सेवाओं के सर्वोच्च जिम्मेदारी वाले पदों तक पहुंच सकती हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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