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हर सोमवार कलेक्टरों को देनी होगी जिले के कामकाज की रिपोर्ट, सीएम ने लॉन्च किया जन विश्वास अभियान पोर्टल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन विश्वास अभियान पोर्टल लॉन्च किया। अब मध्य प्रदेश के कलेक्टरों को हर सोमवार जिले की गतिविधियों और कामकाज की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। अभियान के एक महीने में 5.64 लाख से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण हुआ।
हर सोमवार कलेक्टरों को देनी होगी जिले के कामकाज की रिपोर्ट, सीएम ने लॉन्च किया जन विश्वास अभियान पोर्टल
कलेक्टरों को देनी होगी जिले के कामकाज की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश में जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण और अधिकारियों की मैदानी सक्रियता पर नजर रखने के लिए शुरू किए गए जन विश्वास अभियान की अब ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के तहत हो रहे कामों, अधिकारियों के मैदानी दौरे, जनसंवाद और विभिन्न बैठकों का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत जिला कलेक्टरों को हर सप्ताह अभियान से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी अगले सोमवार तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

एक महीने में 5.64 लाख से ज्यादा शिकायतों का निराकरण

जन विश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त 2026 को हुई थी और अब अभियान के चार सप्ताह पूरे हो चुके हैं। पहले महीने के दौरान प्रदेश में 5 लाख 64 हजार से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया। इसके अलावा लोक सेवा गारंटी के तहत दर्ज 8 लाख 6 हजार से अधिक आवेदनों का भी निराकरण किया जा चुका है। अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और अधिकारी सप्ताह में एक दिन फील्ड में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस दौरान आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

शुक्रवार तक की रिपोर्ट सोमवार को अपलोड करना अनिवार्य

नई व्यवस्था के अनुसार जिलों में अभियान के तहत शुक्रवार तक की गई गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी संबंधित जिला कलेक्टर को अगले सोमवार तक पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। संभागायुक्त इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर सोमवार सभी जिलों की रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट हो जाए। कलेक्टरों द्वारा दर्ज की जाने वाली जानकारी की उच्च स्तर पर भी नियमित समीक्षा की जाएगी। इस व्यवस्था के जरिए ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी, जिनका समाधान केवल जिला स्तर पर संभव नहीं है और जिनके लिए राज्य स्तर पर विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है।

पोर्टल पर दर्ज होंगी ये गतिविधियां

जन विश्वास अभियान पोर्टल पर जिलों द्वारा अभियान के दौरान की गई विभिन्न गतिविधियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से-

  • अधिकारियों के भ्रमण
  • निरीक्षण
  • जनसंवाद
  • उद्यम संवाद
  • यशस्वी संवाद
  • इंफ्लुएंसर संवाद
  • जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें

की जानकारी दर्ज की जाएगी।

इसके अलावा अभियान के दौरान सामने आए नीतिगत और राज्य स्तरीय विषय, अधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश, जिलों से मिले प्रमुख सुझाव और स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचारों की जानकारी भी पोर्टल पर अपलोड होगी।

हर गतिविधि के साथ फोटो भी जरूरी

पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली प्रमुख गतिविधियों के साथ फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। यूजर मैनुअल के अनुसार फोटो का आकार अधिकतम 1 एमबी रखा गया है। पोर्टल पर JPG, JPEG और PNG फॉर्मेट की फोटो स्वीकार की जाएगी। फोटो ऐसी होनी चाहिए, जिससे संबंधित गतिविधि का स्पष्ट प्रतिनिधित्व हो सके। यह व्यवस्था भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों समेत अन्य गतिविधियों के लिए लागू होगी।

700 शब्दों में दर्ज करनी होगी पूरी कार्रवाई

भ्रमण, निरीक्षण और अलग-अलग संवाद कार्यक्रमों की कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण भी पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके साथ कार्यक्रम या बैठक के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश और सुझाव बिंदुवार दर्ज किए जाएंगे। पूरी गतिविधि का विवरण अधिकतम 700 शब्दों में अपलोड किया जा सकेगा।

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जनसंवाद में बताना होगा कितने लोग आए और क्या समस्या रखी

जनसंवाद से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के लिए पोर्टल पर गतिविधि की तारीख और कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले अधिकारी का नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद कार्यक्रम का स्थान, संवाद में शामिल नागरिकों की अनुमानित संख्या और लोगों द्वारा उठाई गई समस्याओं या शिकायतों का विवरण दर्ज किया जाएगा। संवाद के दौरान हुई कार्रवाई के साथ प्रमुख निर्देश और सुझाव भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।

उद्यमियों और इंफ्लुएंसर्स के लिए अलग मॉड्यूल

पोर्टल में उद्यम संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। उद्यम संवाद के दौरान कार्यक्रम का स्थान, शामिल उद्यमियों की अनुमानित संख्या और पूरी गतिविधि का विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं इंफ्लुएंसर संवाद में शामिल लोगों की संख्या, कार्यक्रम स्थल और संवाद से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी अपलोड करनी होगी। दोनों गतिविधियों के साथ प्रमुख निर्देश, सुझाव और फोटो अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है।

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दूसरे जिलों तक पहुंचेंगे बेहतर नवाचार

जन विश्वास अभियान के दौरान जिलों से मिलने वाले महत्वपूर्ण सुझावों और स्थानीय स्तर पर किए गए सफल नवाचारों को भी पोर्टल पर बुलेट पॉइंट के रूप में दर्ज किया जाएगा। ऐसे नवाचार, जिन्हें दूसरे जिले भी अपनाकर बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं, उन्हें साझा करने की व्यवस्था की गई है। इससे अलग-अलग जिलों में किए जा रहे बेहतर प्रयोगों और सफल कामों को पूरे प्रदेश में लागू करने का आधार तैयार होगा। पोर्टल लॉन्च होने के बाद अब जन विश्वास अभियान के तहत जिलों की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे न केवल अधिकारियों की मैदानी सक्रियता की निगरानी आसान होगी, बल्कि जनता से जुड़े मामलों के निराकरण की प्रक्रिया और जिलों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा भी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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