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सिवनी में बारिश बनी मुसीबत: पानी के बीच निकला जनाजा, साल भर से की जा रही पुल की मांग

सिवनी के लखनादौन जनपद की ग्राम पंचायत गणेशगंज के गंजटोला में मुस्लिम समाज के लोगों के लिए अपनों की अंतिम यात्रा भी किसी परीक्षा से कम नहीं है। गांव से कब्रिस्तान तक पहुंचने के लिए मुतिया नदी को पार करना पड़ता है, जिससे बारिश के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है।
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सिवनी में बारिश बनी मुसीबत: पानी के बीच निकला जनाजा, साल भर से की जा रही पुल की मांग
पानी के बीच निकला जनाजा

सिवनी। गर्मी और सामान्य दिनों में ग्रामीण किसी तरह नदी पार कर जनाजा कब्रिस्तान तक पहुंचा देते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव इस सफर को जोखिम भरा बना देता है। कई बार पानी का बहाव कम होने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे अंतिम संस्कार में भी देरी की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मुतिया नदी पर जल्द से जल्द पुल और रपटा निर्माण कराने की मांग की है।

नईम शाह के निधन के बाद फिर सामने आई समस्या

सोमवार को गंजटोला निवासी नईम शाह के निधन के बाद भी ऐसी ही स्थिति सामने आई। नईम शाह के जनाजे को कब्रिस्तान तक पहुंचाने के लिए लोगों को मुतिया नदी पार करनी पड़ी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद गांव की वर्षों पुरानी समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई।

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पुल या रपटा ना होने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी 

ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पुल या रपटा केवल आवागमन की सुविधा के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि यह लोगों की बुनियादी जरूरत और मानवीय गरिमा से जुड़ा मामला है। किसी व्यक्ति की अंतिम यात्रा सम्मानपूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके, यह समाज की सामान्य अपेक्षा है। लेकिन यहां बरसात के दिनों में जनाजा लेकर नदी पार करना लोगों की मजबूरी बन जाता है।

लंबे समय से पुल निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मुतिया नदी पर जल्द से जल्द पुल और रपटा निर्माण कराया जाए। गांव के मतीन खान, फईम मोहम्मद, इरफान खान, शोहैल खान और शमीम खान ने बताया कि मुतिया नदी पर पुल या रपटा निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या जिम्मेदारों के सामने रखी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। विकास की बात तभी सार्थक होगी, जब गांव के लोगों को जीवन की सामान्य जरूरतों के साथ-साथ मृत्यु के बाद अंतिम यात्रा के लिए भी सुरक्षित रास्ता मिल सके।

Thakur Singh
By Thakur Singh

ठाकुर बालमुकुंद सिंह वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उन्होंने रानी...Read More

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